देहरादून में सनसनी: सचिवालय के निजी सचिव पर पत्नी की दहेज हत्या का आरोप, शादी के आठ महीने बाद शिक्षिका की संदिग्ध मौत…

FB_IMG_1785415793185
खबर शेयर करें -

 

 

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड सचिवालय में तैनात एक निजी सचिव पर अपनी सरकारी शिक्षिका पत्नी की दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। शादी के महज आठ महीने बाद हुई शिक्षिका की संदिग्ध मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

 

जानकारी के अनुसार, मृतका एक सरकारी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि इसी प्रताड़ना का अंत उनकी बेटी की मौत के रूप में हुआ।

यह भी पढ़ें:  कैंची धाम पहुंचीं ‘हनुमान अंश’ की युवा प्रोड्यूसर अनूप्रिया नागर, बाबा नीम करौली का लिया आशीर्वाद, नैनीताल पुलिस की व्यवस्थाओं की सराहना, SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी से की शिष्टाचार भेंट; युवा प्रोड्यूसर व परिजनों का हुआ सम्मान...

 

घटना के बाद परिजनों ने पति, जो उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर तैनात है, सहित ससुराल पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें:  चारधाम यात्रा को मिलेगी रफ्तार, पहाड़ों में 4202 वाहनों के लिए बनीं 63 पार्किंग, नैनीताल में 700 तो कैंची धाम में 500 से अधिक वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग पर काम तेज...

 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तकनीकी एवं वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें:  ममता एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी, गोरा पड़ाव के मार्गदर्शन में मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा के दौरान स्वाति और विपिन ने लहराया सफलता का परचम...

 

इस घटना के बाद मृतका के परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। वहीं, इस मामले ने दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Ad