यमकेश्वर बना विकास और अध्यात्म का केंद्र: योगी-धामी ने दी करोड़ों की सौगात, एआई तकनीक से हाईटेक होगा बिथ्याणी कॉलेज…

यमकेश्वर की पावन धरती शुक्रवार को अध्यात्म, विकास और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
दोनों मुख्यमंत्रियों ने कार्यक्रम की शुरुआत यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना से की और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान जिलाधिकारी श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया ने दोनों अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया।
इसके बाद दोनों नेता महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी पहुँचे, जहां विकास कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए नए भवन, सेमिनार हॉल और अत्याधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट रही, जिसका शुभारंभ दोनों मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त रूप से किया।
डिजिटल तकनीक का रोचक दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर परीक्षा प्रणाली और परिणामों की जानकारी ली, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस पहल को शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिथ्याणी महाविद्यालय को ‘आदर्श कॉलेज’ के रूप में विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की बात भी कही।
इस अवसर पर युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए कॉलेज परिसर में ओपन जिम का शिलान्यास किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर भी पहुँचे, जहां उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में भाग लेकर परिवार और ग्रामीणों के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। उन्होंने मंदिर समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तीन वर्ष पहले यहां केवल श्रद्धा का भाव था, आज यहां भव्य मंदिर का स्वरूप दिखाई दे रहा है।”
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
