सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नैनीताल हाईकोर्ट शिफ्टिंग पर रैफरेंडम का आदेश रद्द, सरकार-हाईकोर्ट प्रशासन को मिलकर निकालना होगा समाधान…

nainital-high-court-1781146294852
खबर शेयर करें -

 

नई दिल्ली/नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से स्थानांतरित किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व में दिए गए जनमत संग्रह (रैफरेंडम) कराने के आदेश पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि इस मुद्दे का समाधान सरकार और उच्च न्यायालय प्रशासन आपसी समन्वय से निकालें।

 

यह भी पढ़ें:  सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने व्यापारियों को दी चेतावनी, सड़क और फुटपाथ घेरने वालों पर नगर निगम के साथ चलेगा अभियान, त्योहारों से पहले हल्द्वानी में अतिक्रमण पर प्रशासन का शिकंजा, फिर होगी मुनादी, नहीं माने तो कार्रवाई तय...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और उच्च न्यायालय प्रशासन आपस में बैठक कर सभी पहलुओं पर विचार करें और स्थानांतरण को लेकर उचित निष्कर्ष पर पहुंचें। अदालत ने संकेत दिया कि इस तरह के संवेदनशील और संस्थागत विषय का समाधान जनमत संग्रह के बजाय संवैधानिक संस्थाओं के बीच संवाद और सहमति से होना चाहिए।

यह भी पढ़ें:  दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर उत्तराखंड में सियासी घमासान, गणेश गोदियाल करेंगे मौन उपवास, अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध, गांधी पार्क में एक घंटे के मौन उपवास का ऐलान...

 

शीर्ष अदालत के इस आदेश के बाद हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी बहस को नई दिशा मिली है। अब सरकार और उच्च न्यायालय प्रशासन पर यह जिम्मेदारी होगी कि वे न्यायिक, प्रशासनिक और जनहित से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर आगे का निर्णय लें।

यह भी पढ़ें:  डॉ. ढाल सिंह बिसेन होंगे उत्तराखंड के नए राज्यपाल, मध्य प्रदेश की राजनीति से अब देवभूमि तक का सफर, चार बार विधायक, बालाघाट से लोकसभा सांसद और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं डॉ. बिसेन...

 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को उत्तराखंड में हाईकोर्ट स्थानांतरण विवाद के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार और उच्च न्यायालय प्रशासन की आगामी बैठक और उससे निकलने वाले निष्कर्ष पर टिकी रहेंगी।

Ad Ad