वोकल फॉर लोकल को मिली नई उड़ान: रामनगर में बायर–सेलर मीट में चमके महिला समूहों के हुनर…

रामनगर। जनपद नैनीताल में ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए होटल अनन्तम, रामनगर में ग्रामीण विकास विभाग की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना के अंतर्गत भव्य “बायर–सेलर मीट सम्मेलन” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “Vocal for Local Meet” रही, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे, सहायक परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष हरिमान, ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान एवं जीएम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुंदर बिष्ट द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
सम्मेलन में विकासखंड रामनगर, कोटाबाग, हल्द्वानी, धारी और भीमताल के स्वयं सहायता समूहों द्वारा कुल 12 आकर्षक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों में ऐपण कला, जूट बैग, पर्स, रेशम पेंटिंग, पिछौड़ा, थाल, घंटी, शहद, हींग, स्लीपर, मोरंगा अचार, जैम, चटनी, वूलन टाईज, ब्लैक पॉटरी, ऑर्गेनिक दालें, मल्टीग्रेन आटा, मसाले, जूस, घी, आंवला कैंडी सहित अनेक स्थानीय एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए होटल व्यवसायियों से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को अपने प्रतिष्ठानों में स्थान दें, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक स्थानीय महिलाओं के उत्पाद पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उत्तराखंड की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने में सहायक होगी।
सहायक परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं महिला उद्यमियों ने होटल एसोसिएशन से उनके उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। महिला समूहों ने मुख्य विकास अधिकारी की दूरदर्शी सोच और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन, जीएम एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, खंड विकास अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन ने “लोकल को ग्लोबल” बनाने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया और ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर भारत के सपने को नई मजबूती प्रदान की।
