उत्तराखंड–यहां लोक पर्व हरेले के अवसर पर आयोजित किया वृक्षारोपण का कार्यक्रम…

IMG-20230717-WA0018
खबर शेयर करें -

नैनीताल/हल्द्वानी–सही मायनों में तो प्रकृति के संरक्षण से ही वनस्पति मनुष्य से पहले धरती पर आई है। प्राणियों के वर्ग में मनुष्य और वनस्पति का एक दूसरे पर निर्भरता आदि काल से ही रहा है।

पूर्वज वनस्पति का उपयोग कर जीवन यापन करते आए हैं। पेड़ पौधों के उपयोग से ही मनुष्य विकास के चरम सीमा तक पहुंच गया। धीरे-धीरे मनुष्य द्वारा वनस्पतियों को नजरअंदाज कर कृतिम चीजों की और रुक कर लिया। परिणाम स्वरुप हम सभी अनेकानेक व्याधियों से जकड़ की असमय ही शरीर को जीर्ण शीर्ण कर कष्टकारी जीवन जीने को बाध्य हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें:  देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर’, NeST Fest-2026 में सीएम धामी ने पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत, कहा—पूर्वोत्तर भारत की विविधता और सुंदरता का चमकता मुकुट, युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत...

जैसा बोओगे वैसा काटोगे की प्रेरणा से प्रेरित उत्तराखंड में हरेला एक लोकप्रिय लोक त्यौहार है जिसे श्रावण मास की संगरान्त संक्रांति को मनाया जाता है। इस त्योहार को हरियाली के आगमन, घर की सुख-समृद्धि व भगवान शिव से जोड़कर देखा जाता है।

श्रावण मास की संगरात से 9 दिन पहले अर्थात अषाढ महीने में एक टोकरी में, घर के अंदर किसी कोने में पाँच या सात अनाजों जिसमें गेहूँ, जौं, मक्का, भट्ट, सरसों, धान आदि को बोया जाता है। जिसकी प्रतिदिन पूजा कर जल चढाया जाता है। अंधेरे में रखने के कारण इसका रंग पीला पड़ जाता है।

यह भी पढ़ें:  देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर’, NeST Fest-2026 में सीएम धामी ने पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत, कहा—पूर्वोत्तर भारत की विविधता और सुंदरता का चमकता मुकुट, युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत...

दसवे दिन श्रावण मास की संगराद को इसे काटकर सर्वप्रथम भगवान उसमें भी क्षेत्रपाल भूमिया देवता को ताकि धरती में कृषि उपज की अच्छी पैदावार होवे फिर घर के सदस्यों को चढाया जाता है। इस दिन घर के बड़े बुजुर्ग अपने बच्चों, नाती, पोतों को हरेला पूजते हुए उनके सिर और कान में हरेला रखते हैं, साथ ही यह आशीष भी देते हैं। लाग हर्याव, लाग बगाव, यौ दिन मास भेटनै रया.जी रया, जागी रया, बची रया, स्यावेकि जै बुद्धि, शेरक जै तराण पाया द आदि।

लोक पर्व हरेले के अवसर पर जमरानी बांध कॉलोनी सिंचाई विभाग दमुआढुंगा हल्द्वानी में कलोनी वासियों द्वारा कालोनी परिसर और शिव मंदिर परिसर में पर्यावरण बचाओ का संदेश देते हुए वृक्षारोपण किया गया।

यह भी पढ़ें:  देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर’, NeST Fest-2026 में सीएम धामी ने पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत, कहा—पूर्वोत्तर भारत की विविधता और सुंदरता का चमकता मुकुट, युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत...

कालोनी वासियों ने कहा कि हमे अपनी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा देने के लिए पेड़ लगाने अति आवश्यक हैं। कालोनी परिसर के सभी लोग आपस में मिलकर समय–समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान आदि कार्यकम करते रहते हैं।

वृक्षारोपण के इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ललित बिष्ट, सेहनवाज़, सिद्धार्थ पुष्कर, प्रतिभा, पुष्कर, अजय पंत, प्रेम चंद्र पाण्डे, अरविंद गुप्ता, नितिन पाण्डे, यतिन पाण्डे आदि कालोनी वासी मौजूद रहे।

Ad