पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान बना सुशासन की मिसाल…

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देहरादून–पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसरोकार की नई मिसाल बनता जा रहा है। राज्य के सभी 13 जनपदों में लगातार आयोजित हो रहे बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

 

अब तक प्रदेशभर में 638 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें कुल 4,97,107 नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें दर्ज कराई हैं। आज आयोजित 7 शिविरों में ही 4,306 नागरिकों की सक्रिय सहभागिता इस अभियान के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

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अभियान के अंतर्गत अब तक 48,562 शिकायत पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 32,583 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल आज ही 411 नई शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि 261 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सरकार केवल जनसुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई को प्राथमिकता दे रही है।

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प्रमाण पत्रों और विभिन्न आवेदनों की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब तक 69,746 प्रकरणों में कार्रवाई की गई है। आज के शिविरों में 353 प्रमाण पत्र एवं आवेदन संबंधी कार्य संपन्न हुए। इससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है और सेवाएं सीधे उनके द्वार तक पहुंच रही हैं।

 

विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 2,76,646 नागरिकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इनमें से 2,542 लाभार्थी केवल आज के शिविरों में जोड़े गए। यह दर्शाता है कि सरकार की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

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“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान उत्तराखंड में संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेह शासन की सशक्त पहल बनकर उभरा है, जो सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को और मजबूत कर रहा है।

 

 

 

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