नैनीताल में यूसीसी दिवस: एक वर्ष की उपलब्धियों का उत्सव, जन-जागरूकता और सम्मान समारोह आयोजित…

नैनीताल–नैनीताल जनपद में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के राज्य में लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद के सभी विकास खण्डों एवं विभिन्न स्थानों पर यूसीसी दिवस के कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किए गए।
मुख्य कार्यक्रम का आयोजन एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी में किया गया, जिसका उद्घाटन मेयर गजराज बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा, डॉ. अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में यूसीसी के अंतर्गत शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने वाली ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालयों में आयोजित यूसीसी से संबंधित चित्रकला, निबंध, स्लोगन, रील एवं ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मेयर गजराज बिष्ट ने कहा कि समान नागरिक संहिता के लागू होने से विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, गोद लेना, भरण-पोषण, संपत्ति एवं उत्तराधिकार जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में यूसीसी पंजीकरण हेतु स्थापित हेल्प डेस्क की जानकारी देते हुए पात्र नागरिकों से अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील की।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह कानून राज्य में समान न्याय की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने बताया कि यूसीसी पंजीकरण से भविष्य में अधिकार, हिस्सेदारी एवं दावों से जुड़े विवादों से बचा जा सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद नैनीताल की 292 ग्राम सभाओं में शत-प्रतिशत यूसीसी पंजीकरण पूर्ण हो चुका है, जबकि शहरी क्षेत्रों में पंजीकरण बढ़ाने हेतु अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने यूसीसी को लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने इसे समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
वहीं दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा ने कहा कि यूसीसी के माध्यम से विवाह, तलाक एवं संपत्ति के मामलों में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए समान नियम लागू किए गए हैं, जिससे सामाजिक समानता को मजबूती मिली है और बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार सुनिश्चित हुआ है।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष कमल किशोर पंत एवं प्रोफेसर अल्का शर्मा ने यूसीसी को सामाजिक समरसता, महिला अधिकारों एवं “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करने वाला क्रांतिकारी कानून बताया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं तथा महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री रेनू अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, महिला डिग्री कॉलेज की प्राचार्य आभा शर्मा, उपजिलाधिकारी राहुल शाह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।
