नैनीताल में “विकसित भारत युवा संसद–2026” का सफल आयोजन, युवाओं ने लोकतंत्र पर रखे सारगर्भित विचार…

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नैनीताल–मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय सेवा योजना और कुमाऊँ विश्वविद्यालय के समन्वय से 25 फरवरी 2026 को डीएसबी परिसर, नैनीताल के सभागार में “विकसित भारत युवा संसद–2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद नैनीताल के विभिन्न विकासखंडों से आए 50 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

इस वर्ष का विषय “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” रहा, जिस पर प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। युवाओं ने आपातकाल के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर तार्किक और प्रेरणादायी वक्तव्य दिए।

 

उद्घाटन सत्र में प्रो. संजय पंत (डीएसडब्ल्यू), प्रो. ललित तिवारी, डॉ. शिवांगी चन्याल (एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी) एवं श्रीमती डॉल्वी तेवतिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। निर्णायक मंडल में प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. हरि प्रिया पाठक, डॉ. नवीन चंद्र पांडेय तथा श्री अंचल पंत ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।

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इस अवसर पर श्रीमती डॉल्वी तेवतिया, उपनिदेशक, मेरा युवा भारत नैनीताल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि “विकसित भारत युवा संसद” युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक समझ और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मंच युवाओं को समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त अवसर प्रदान करता है।

 

प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि युवा राष्ट्र की ऊर्जा हैं और शिक्षा, नवाचार, लोकतांत्रिक सहभागिता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वे विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से नीति संवाद और नैतिक नेतृत्व के जरिए समावेशी एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

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प्रतियोगिता में कुल 50 प्रतिभागियों में से शीर्ष 5 अर्नव त्रिपाठी, नकुल देव साह, नंदिनी जोशी, प्राची जोशी एवं दिपांशु का चयन राज्य स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद–2026” हेतु किया गया। अब ये प्रतिभागी देहरादून स्थित विधान सभा में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। शीर्ष 10 में कार्तिकेय, दीपक, तिलक, निहारिका एवं लक्षा ने भी स्थान प्राप्त किया।

 

समापन एवं प्रमाण पत्र वितरण सत्र में मुख्य अतिथि दर्जा मंत्री श्रीमती शांति मेहरा उपस्थित रहीं। उन्होंने विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में उन्होंने “विकसित भारत 2047” की परिकल्पना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समावेशी विकास, सशक्त लोकतंत्र, तकनीकी नवाचार और सामाजिक न्याय के आधार पर भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा, जिसमें युवाओं की भूमिका केंद्रीय रहेगी।

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कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शिवांगी चन्याल एवं प्रो. ललित तिवारी द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न सहयोगियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष योगदान रहा।

 

यह आयोजन न केवल युवाओं की प्रतिभा और चिंतन क्षमता का परिचायक बना, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी सजगता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है।

 

 

 

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