भराड़ीसैंण में डीजीपी दीपम सेठ का सख्त संदेश: मजबूत कमांड और समय पर सत्यापन से ही कानून-व्यवस्था रहेगी नियंत्रण में…
भराड़ीसैंण में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने फ्रंटलाइन फील्ड पुलिस अधिकारियों के साथ वन-टू-वन संवाद करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर मजबूत कमांड और नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर कई अहम विषयों पर स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए।
बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति, सत्यापन अभियान, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पुलिस नेतृत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों से कहा कि उत्तराखंड में अच्छे चरित्र वाले और अन्य राज्यों से आने वाले लोगों का स्वागत है, लेकिन संदिग्ध अथवा आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कर उनके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मेडिकल स्टोर, केमिस्ट और फार्मेसी संचालित करने वाले व्यक्तियों के अनिवार्य सत्यापन के भी निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे अवैध गतिविधियों और दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
बैठक के दौरान डीजीपी ने अपर पुलिस अधीक्षकों और पुलिस उपाधीक्षकों से आत्ममंथन करने की बात भी कही। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जिस उद्देश्य और आदर्शों के साथ उन्होंने पुलिस सेवा जॉइन की थी, क्या वे आज भी उसी भावना के साथ अपने दायित्व निभा रहे हैं या कहीं अपने मूल मूल्यों से दूर तो नहीं हो रहे हैं।
सांप्रदायिक संवेदनशील परिस्थितियों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में अक्सर पहले ही नैरेटिव बन जाता है। इसलिए सर्किल अधिकारियों को समय रहते प्रभावी कमांड और नेतृत्व दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में लेना चाहिए।
बैठक में प्रचलित ऑपरेशन स्माइल के तहत बचाए गए बच्चों का विवरण ‘वात्सल्य पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। नए आपराधिक कानूनों के संबंध में उन्होंने कहा कि अभी क्षमता निर्माण का समय है, लेकिन अब कई प्रावधानों को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
इसके अलावा भराड़ीसैंण में भविष्य में होने वाले विधानसभा सत्रों के दौरान पुलिस ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से फीडबैक और सुझाव भी लिए गए, ताकि आगामी सत्रों में ड्यूटी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक के अंत में पुलिस कर्मियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं भी डीजीपी के समक्ष रखीं। इनमें वर्ष 2005 बैच की पीएसी महिला पुलिसकर्मियों की पदोन्नति से जुड़ी समस्या भी शामिल थी। डीजीपी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर डॉ. वी. मुरुगेशन (अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था), करन सिंह नगन्याल (पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना/सुरक्षा), अनंत शंकर ताकवाले (पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण), राजीव स्वरूप (पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र), सुरजीत सिंह पंवार (पुलिस अधीक्षक चमोली) सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।
