उत्तरकाशी जिला में पेयजल योजनाओं को गति देने के सख्त निर्देश, चारधाम यात्रा से पहले जलापूर्ति दुरुस्त करने पर जोर…

उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में संचालित कुल 1293 पेयजल योजनाओं में से 82 योजनाएं वर्तमान में लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराज़गी जताते हुए सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का त्वरित समाधान कर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
### चारधाम यात्रा से पहले जल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
आगामी **चारधाम यात्रा** को देखते हुए जिलाधिकारी ने यात्रा मार्गों पर निर्बाध और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी स्थान पर पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करें।
जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जल संस्थान और जल निगम द्वारा संचालित सभी योजनाओं का विधिवत सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एकल और मल्टीपल ग्राम पंपिंग योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि एकल ग्राम पंपिंग योजनाओं के विलयीकरण के संबंध में ग्राम सभाओं से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए। स्थानीय निकायों और ग्रामीणों की भागीदारी से योजनाओं को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जाए।
कोटियाल गांव पंपिंग योजना की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता एल.सी. रमोला ने बताया कि योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है और गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। जिलाधिकारी ने अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अधीक्षण अभियंता विनोद रमोला, अधिशासी अभियंता एलसी रमोला, विनोद पांडेय एवं अधिशासी अभियंता मधुकांत कोटियाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
