नैनी झील में 35 साल बाद लौटी स्नो ट्राउट, 300 मछलियों का सफल संरक्षण, जल पारिस्थितिकी सुधार की बड़ी पहल…

0
FB_IMG_1777178423032
खबर शेयर करें -

 

नैनीताल। नैनी झील में जलीय जीवन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए लगभग 300 स्नो ट्राउट मछलियों का संचय एवं संरक्षण किया गया है। यह पहल न केवल झील की जैव विविधता को बढ़ाएगी, बल्कि जल की गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

गुरुवार को तल्लीताल स्थित सेंट जॉसेफ स्विमिंग हाउस के समीप आयोजित कार्यक्रम में दीपक रावत (आयुक्त कुमाऊं/सचिव मुख्यमंत्री) ने प्रतिभाग करते हुए इस परियोजना की सराहना की। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक से नैनी झील में महाशीर (ट्रोप्टिटोरा) और स्नो ट्राउट जैसी महत्वपूर्ण मछलियां विलुप्त हो चुकी थीं।

यह भी पढ़ें:  महिला से अभद्रता और सोशल मीडिया पर धमकी देना पड़ा भारी, हल्द्वानी पुलिस ने आरोपी को दबोचा...

 

साल 2005 में महाशीर प्रजाति के पुनर्संवर्धन की शुरुआत की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में अब देसी प्रजाति स्नो ट्राउट को भी लगभग 35 वर्षों बाद फिर से झील में स्थापित किया गया है।

 

यह परियोजना कुमाऊं विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालित की गई। प्रोफेसर डी.एस. रावत, रजिस्ट्रार डॉ. एम.एस. मंदरवाल और जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एच.सी.एस. बिष्ट के निर्देशन में स्नो ट्राउट का पुनः संवर्धन संभव हो पाया।

यह भी पढ़ें:  UKPSC परीक्षाओं पर नैनीताल पुलिस का सख्त सुरक्षा कवच, 16 केंद्रों पर 7000 से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए हाईटेक निगरानी...

 

विशेषज्ञों के अनुसार, स्नो ट्राउट झील में पनप रही काई का भक्षण करती है, जिससे पानी में नाइट्रोजन का संतुलन बना रहता है और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। इससे नैनी झील का पारिस्थितिकी तंत्र प्राकृतिक रूप से सुधरेगा और जल गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

यह भी पढ़ें:  UKPSC परीक्षाओं पर नैनीताल पुलिस का सख्त सुरक्षा कवच, 16 केंद्रों पर 7000 से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए हाईटेक निगरानी...

 

परियोजना के अंतर्गत मछली के बीज का उत्पादन ट्रीटमेंट प्लांट में किया गया और उनकी अंगुलिकाओं (फिंगरलिंग्स) को तैयार कर झील में छोड़ा गया। इस पहल को झील के जैविक संतुलन को बहाल करने की दिशा में “मील का पत्थर” माना जा रहा है।

 

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल सहित विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसर, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *