लेडी सिंघम” का सटीक वार: मरीज बनकर पहुंचीं एसडीएम, नकली दवाओं के गोरखधंधे का किया भंडाफोड़…
ऊधम सिंह नगर। ऋचा सिंह ने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो भ्रष्टाचार की सबसे मजबूत दीवार भी गिराई जा सकती है। गदरपुर में सामने आए नकली दवाओं के बड़े खेल का पर्दाफाश किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
शिकायत मिली थी कि एक तथाकथित ‘वैद्य’ आयुर्वेद के नाम पर लोगों को नकली और संदिग्ध दवाइयां बेच रहा है। मामले की गंभीरता को समझते हुए एसडीएम ऋचा सिंह ने एक अनोखी रणनीति बनाई। उन्होंने सरकारी तामझाम और सुरक्षा को पीछे छोड़, खुद को एक आम मरीज के रूप में पेश किया और सीधे आरोपी के ठिकाने पर पहुंच गईं।
लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतज़ार करने के बाद जैसे ही ‘वैद्य’ ने उन्हें दवा थमाई, खेल पलट गया। एसडीएम ने मौके पर ही अपनी पहचान उजागर कर दी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
जांच के दौरान जो सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था
* बड़ी मात्रा में नकली शुगर की दवाइयां
* मिलावटी पाउडर और बिना लेबल की शीशियां
* और सबसे हैरान करने वाली बात, आरोपी के पास अवैध हथियार भी बरामद हुए
स्थिति गंभीर थी, लेकिन ऋचा सिंह ने बिना किसी हिचक के कार्रवाई करते हुए मौके पर ही पूरे अवैध कारोबार को सील कर दिया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
उत्तराखंड भर में इस कार्रवाई की गूंज सुनाई दे रही है। एसडीएम का साफ संदेश है “जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं, उनकी जगह सीधे जेल है।”
यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े अपराध का खुलासा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब अधिकारी जमीन पर उतरकर काम करते हैं, तो बदलाव खुद-ब-खुद दिखने लगता है।
