हल्द्वानी में पत्रकारों का आक्रोश: फर्जी पत्रकारों और सोशल मीडिया दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की मांग, SSP ने दिया सख्त आश्वासन…

0
IMG-20260423-WA0008
खबर शेयर करें -

 

हल्द्वानी। पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा को लेकर हल्द्वानी में बड़ा मुद्दा सामने आया है। 22 अप्रैल 2026 को श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तराखंड की जिला इकाई के पदाधिकारियों और स्थानीय पत्रकारों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी से मुलाकात कर अपनी चिंताएं साझा कीं।

 

जिलाध्यक्ष सर्वेन्द्र बिष्ट और जिला महामंत्री भूपेंद्र रावत के नेतृत्व में पहुंचे पत्रकारों ने एक ज्ञापन सौंपते हुए कमल कफलटिया नामक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि उक्त व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर अनुचित गतिविधियों में लिप्त है और हाल ही में बुद्ध पार्क में एक प्रिंट मीडिया पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार भी कर चुका है।

यह भी पढ़ें:  महिला से अभद्रता और सोशल मीडिया पर धमकी देना पड़ा भारी, हल्द्वानी पुलिस ने आरोपी को दबोचा...

 

पत्रकारों ने बताया कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारिता की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि समाज में भी गलत संदेश दे रही हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कुछ यूट्यूब चैनलों द्वारा पत्रकारों के खिलाफ भ्रामक, अपमानजनक और असत्य सामग्री प्रसारित करने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया।

 

ज्ञापन में पत्रकार यूनियन ने मांग की कि ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स और चैनलों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।

यह भी पढ़ें:  UKPSC परीक्षाओं पर नैनीताल पुलिस का सख्त सुरक्षा कवच, 16 केंद्रों पर 7000 से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए हाईटेक निगरानी...

 

इस पर SSP नैनीताल ने पत्रकारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में गलत गतिविधियों में शामिल पाया जाएगा या सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक सामग्री फैलाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें:  महिला से अभद्रता और सोशल मीडिया पर धमकी देना पड़ा भारी, हल्द्वानी पुलिस ने आरोपी को दबोचा...

 

SSP ने यह भी कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

 

यह मामला अब न केवल पत्रकारों की सुरक्षा बल्कि सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग को लेकर भी एक अहम बहस का रूप लेता नजर आ रहा है।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *