रामबाबू मिश्रा–जनसेवा, नेतृत्व और विकास की मिसाल, उनके द्वारा स्थापित सेवा, समर्पण और विकास की परंपरा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी…

FB_IMG_1769086269431
खबर शेयर करें -

 

 

लालकुआं के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामबाबू मिश्रा का जीवन जनसेवा, ईमानदारी और सशक्त नेतृत्व का प्रतीक रहा। उनके निधन से न केवल एक अनुभवी जनप्रतिनिधि बल्कि एक संवेदनशील मार्गदर्शक का अभाव क्षेत्र ने महसूस किया है।

 

सरल व्यक्तित्व, सशक्त नेतृत्व, रामबाबू मिश्रा अपनी सादगी, सहजता और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। आम नागरिकों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना और उनके त्वरित समाधान के लिए प्रयास करना उनकी कार्यशैली की पहचान थी। वे बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लिए उपलब्ध रहते थे, जिससे जनता के बीच उनकी गहरी स्वीकार्यता बनी।

यह भी पढ़ें:  राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR, SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा, जिस हल्द्वानी में FIR की मांग कर रहे थे राहुल, उसी शहर में उनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा; शुद्धीकरण विवाद ने लिया सियासी यू-टर्न...

 

 

 

नगर विकास में उल्लेखनीय योगदान, नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। सड़कों, नालियों, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था जैसे नागरिक मुद्दों पर उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। नगर के समग्र विकास के लिए उनकी योजनाबद्ध सोच और कार्यान्वयन ने लालकुआं को नई दिशा दी।

 

 

 

सामाजिक समरसता और जनकल्याण, रामबाबू मिश्रा सामाजिक सौहार्द के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने विभिन्न सामाजिक वर्गों और संगठनों को साथ लेकर जनहित के कार्य किए। गरीब, कमजोर और जरूरतमंदों के लिए उनकी संवेदनशीलता हमेशा प्रेरणास्रोत रही। सामाजिक आयोजनों, राहत कार्यों और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय थी।

यह भी पढ़ें:  राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR, SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा, जिस हल्द्वानी में FIR की मांग कर रहे थे राहुल, उसी शहर में उनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा; शुद्धीकरण विवाद ने लिया सियासी यू-टर्न...

 

 

 

ईमानदारी और जवाबदेही की पहचान, उनकी राजनीति सेवा-भाव से प्रेरित थी। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोपरि रखना उनके नेतृत्व की मूल विशेषताएं थीं। इसी कारण राजनीतिक व सामाजिक जगत में उन्हें सम्मान और विश्वास दोनों प्राप्त थे।

 

 

 

अंतिम विदाई, अस्पताल से उनका पार्थिव शरीर देर रात लालकुआं पहुंचेगा, जिसे वार्ड नंबर–3 स्थित उनके आवास पर रखा जाएगा। उनके पुत्र अभिषेक मिश्रा के अनुसार शुक्रवार प्रातः 10 बजे आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और नगर के मुक्तिधाम श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें:  राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR, SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा, जिस हल्द्वानी में FIR की मांग कर रहे थे राहुल, उसी शहर में उनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा; शुद्धीकरण विवाद ने लिया सियासी यू-टर्न...

 

 

 

रामबाबू मिश्रा का जीवन और कार्य सदैव लालकुआं के लोगों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उनके द्वारा स्थापित सेवा, समर्पण और विकास की परंपरा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।

 

 

 

 

Ad