उत्तराखंड का बढ़ा राजनीतिक कद: संजीव आर्य बने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश के सह–प्रभारी, संगठन में मजबूत पकड़ और जमीनी राजनीति का मिला इनाम, कांग्रेस नेतृत्व ने जताया बड़ा भरोसा…

FB_IMG_1786086798543
खबर शेयर करें -

उत्तराखंड–नैनीताल के पूर्व विधायक संजीव आर्य को कांग्रेस संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव तथा उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया है। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का यह फैसला संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से निर्णायक राज्य की जिम्मेदारी मिलना संजीव आर्य के लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय जनसंपर्क का प्रमाण माना जा रहा है। उत्तराखंड की राजनीति में अपनी सादगी, सक्रियता और जमीनी कार्यशैली के लिए पहचान रखने वाले संजीव आर्य ने हमेशा पार्टी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की राजनीति की है। यही कारण है कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन पर इतना बड़ा भरोसा जताया है।

यह भी पढ़ें:  महापौर गजराज सिंह बिष्ट की बड़ी पहल: नगर निगम बोर्ड की बैठक में 16 अहम फैसलों पर मुहर, डिजिटल यूजर चार्ज ऐप भी लॉन्च...

 

अपनी नियुक्ति पर संजीव आर्य ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और कांग्रेस की विचारधारा तथा जनहित की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।

यह भी पढ़ें:  फरार वारंटी पर बनभूलपुरा पुलिस का शिकंजा, ठिकाने बदलकर बच रहा था आरोपी आखिरकार गिरफ्तार...

 

संजीव आर्य की इस नियुक्ति से उत्तराखंड कांग्रेस में उत्साह का माहौल है। प्रदेश भर के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ अब राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस संगठन को मिलेगा।

यह भी पढ़ें:  एसआईआर अभियान पर आयुक्त दीपक रावत की सख्ती, बूथों का किया औचक निरीक्षण, बोले–हर नोटिस का समयबद्ध निस्तारण हो, मतदाता न हों परेशान...

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजीव आर्य की यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि इससे उत्तराखंड की राजनीति का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व भी और अधिक मजबूत होगा। कांग्रेस नेतृत्व का यह निर्णय आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Ad Ad Ad