नैनीताल में स्ट्रीट लाइटों पर आयुक्त का शिकंजा, हर वार्ड की लाइटों का होगा हिसाब–किताब, रोजाना मौके पर पहुंचेगी पालिका की टीम; खराब लाइटों की मरम्मत में देरी पर होगी जवाबदेही…
नैनीताल। नैनीताल शहर में रात के अंधेरे को लेकर अब नगर पालिका प्रशासन की जवाबदेही तय होगी। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पूरे नगर पालिका क्षेत्र में वार्डवार जांच और निगरानी की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने नगर पालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया है कि शहर के प्रत्येक वार्ड में लगी स्ट्रीट लाइटों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इसमें कुल स्थापित लाइटों की संख्या से लेकर चालू और खराब लाइटों तक का वार्डवार आंकड़ा दर्ज किया जाएगा। इतना ही नहीं, खराब लाइटों को दुरुस्त कराने के लिए की गई कार्रवाई का भी पूरा ब्यौरा रखा जाएगा।
स्ट्रीट लाइटों की स्थिति जानने के लिए नगर पालिका के दो कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगाई जाएगी। दोनों कर्मचारी प्रतिदिन वाहन से अलग-अलग वार्डों में जाकर मौके पर लाइटों की जांच करेंगे। निरीक्षण के दौरान खराब मिली लाइटों को चिन्हित करने के साथ ही उनकी मरम्मत के बाद की स्थिति भी दर्ज की जाएगी।
आयुक्त ने स्पष्ट व्यवस्था बनाने के निर्देश देते हुए कहा है कि प्रतिदिन की जांच के बाद कितनी लाइटें खराब मिलीं और कितनी को ठीक कराया गया, इसकी वार्डवार रिपोर्ट तैयार कर आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। इससे स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और जिम्मेदारी भी तय होगी।
दीपक रावत ने कहा कि नैनीताल जैसे पर्यटन शहर में रात के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था बेहद जरूरी है। खराब स्ट्रीट लाइटों के कारण स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को परेशानी न हो, इसके लिए मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त के इस निर्देश के बाद अब नैनीताल के प्रत्येक वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की वास्तविक स्थिति सामने आने के साथ ही खराब लाइटों को दुरुस्त कराने की कार्रवाई भी नियमित निगरानी के दायरे में रहेगी।