मुखानी में इंटर–स्टेट नकबजन गैंग का पर्दाफाश, ढाई लाख के जेवर समेत शातिर गिरफ्तार, रक्षाबंधन की रात घर में लगाई सेंध, चार राज्यों में वारदातों का खुलासा; गैंग के दो सदस्य कर्नाटक पुलिस की गिरफ्त में…

हल्द्वानी। कोतवाली मुखानी पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक शातिर अंतरराज्यीय नकबजन गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 2.50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ में गैंग के उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में चोरी की वारदातों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। गैंग के दो अन्य सदस्यों को कर्नाटक पुलिस पहले ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में चोरी और नकबजनी की घटनाओं के खुलासे के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक मुखानी सुशील जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग: 31 अगस्त 2026 को नवीन पनेरु निवासी लालपुर नायक, हल्द्वानी ने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक 27 से 30 अगस्त के बीच अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली थी। मुकदमा FIR संख्या 137/2026 के तहत दर्ज किया गया।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सुरागरसी और पतारसी के जरिए मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने 21 सितंबर 2026 को ग्रिनवुड ग्लोबल स्कूल के पास से तारिक फहीम (45) निवासी ग्राम अकरौली, थाना बनियाठेर, जिला संभल को गिरफ्तार कर लिया।
जेवर बेचने हल्द्वानी आया था आरोपी: पुलिस के अनुसार पूछताछ में तारिक फहीम ने बताया कि उसने अपने साथी कदीर और जफर के साथ मिलकर रक्षाबंधन की रात मुखानी क्षेत्र में एक घर का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी का सामान तीनों ने आपस में बांट लिया था। तारिक अपने हिस्से में आए जेवर बेचने के लिए हल्द्वानी आया था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
आरोपी के कब्जे से दो पीली धातु की चेन, दो पीली धातु के टॉप्स और दो सफेद धातु की पायल बरामद हुई हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई गई है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
चार राज्यों तक फैला था गैंग का नेटवर्क: जांच में गैंग की गतिविधियों का दायरा उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक तक सामने आया है। पुलिस के मुताबिक गैंग द्वारा कर्नाटक के उडुपी, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, उत्तर प्रदेश के बनियाठेर और उत्तराखंड के मुखानी क्षेत्र में चोरी एवं नकबजनी की वारदातें की गई हैं।
गैंग के दो अन्य सदस्य कदीर और जफर के संबंध में जानकारी मिली है कि उन्हें कर्नाटक पुलिस ने हाल ही में एक अन्य आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया है। नैनीताल पुलिस दोनों के आपराधिक इतिहास और अन्य वारदातों के संबंध में संबंधित पुलिस से जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम को एसएसपी ने किया पुरस्कृत: मामले के सफल अनावरण पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 1,500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है। टीम के उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्य को अलग से पुरस्कृत करने की भी घोषणा की गई है।
गिरफ्तार आरोपी: तारिक फहीम पुत्र मौ. सलीम, निवासी ग्राम अकरौली, थाना बनियाठेर, जिला संभल, उत्तर प्रदेश, उम्र 45 वर्ष।
प्रकाश में आए सह-अभियुक्त: कदीर पुत्र छोटे खां और जफर पुत्र तौफीक, दोनों निवासी ग्राम अकरौली, थाना बनियाठेर, जिला संभल।
पुलिस टीम: उपनिरीक्षक दीपा भट्ट, चौकी प्रभारी आरटीओ; उपनिरीक्षक सुनील गोस्वामी; कांस्टेबल सुनील आर्य और कांस्टेबल बलवंत सिंह।