“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान बना सुशासन की मिसाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनता तक पहुँच रही सरकार…
उत्तराखंड–मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान जनसेवा, सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। यह अभियान शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त कर समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।
अभियान के अंतर्गत मंगलवार को प्रदेशभर में 7 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,507 नागरिकों ने सहभागिता कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया। शिविरों में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आमजन का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
अब तक इस अभियान के तहत 604 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 4 लाख 74 हजार 285 से अधिक नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई है। इन शिविरों के माध्यम से राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, पेंशन, प्रमाणपत्र निर्गमन एवं शिकायत निवारण जैसी अनेक विभागीय सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट विज़न है कि शासन केवल सचिवालयों तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे जनता के द्वार तक पहुँचे। इसी सोच के अनुरूप यह अभियान प्रदेश में लोक-हितैषी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन की एक सशक्त मिसाल बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है और “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इस संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भविष्य में और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने की बात कही।
प्रदेश सरकार सेवा, समाधान और संतोष के सिद्धांत पर चलते हुए इस अभियान के माध्यम से राज्य को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
