“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना सुशासन का मजबूत मॉडल, जनता के विश्वास की मिसाल…
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी शासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। 17 जनवरी 2026 तक के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सरकार न केवल जनता की समस्याएं सुन रही है, बल्कि उनके त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस जनकल्याणकारी अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 383 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। आज के दिन 18 शिविर आयोजित किए गए, जबकि अब तक 381 शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाया गया है। इन शिविरों में अब तक 3,07,705 नागरिकों ने सहभागिता की, जिनमें आज 19,875 लोग शामिल रहे। यह व्यापक जनसहभागिता मुख्यमंत्री श्री धामी की जनकेंद्रित शासन व्यवस्था पर जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
कार्यक्रम के माध्यम से सरकार को अब तक 31,288 शिकायत प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 21,047 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। आज के दिन ही 1,556 शिकायतों का समाधान किया गया। यह उपलब्धि प्रशासनिक सक्रियता, विभागीय समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत अब तक 42,116 प्रमाण पत्र नागरिकों को जारी किए गए, जिनमें आज 2,417 प्रमाण पत्र शामिल हैं। जाति, निवास, आय सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों की घर-घर उपलब्धता से आम जनता को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से राहत मिली है और शासन वास्तव में जनता के द्वार तक पहुंचा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 1,67,940 से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया गया है, जिनमें आज 9,701 लाभार्थी शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, शिक्षा एवं अन्य योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सीधे पहुंचना मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की डोर-स्टेप डिलीवरी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह अभियान केवल शिकायत निस्तारण तक सीमित न रहकर सरकार और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और संवाद का सशक्त सेतु बन गया है। यह कार्यक्रम इस बात का जीवंत प्रमाण है कि राज्य सरकार आम नागरिक की समस्या को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए त्वरित, प्रभावी और निष्पक्ष समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
