23 घंटे की पूछताछ के बाद नरेश पांडे रिहा, मोबाइल जब्त; समर्थन में सड़कों पर उतरे लोग, बोले—झूठा फंसाया जा रहा…
उत्तराखंड। नैनीताल में पिछले कई दिनों से चर्चाओं और विवादों के केंद्र बने व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को करीब 23 घंटे लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने रिहा कर दिया। मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला का पक्ष सुनने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच का अहम आधार बनाया है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने नरेश पांडे के दो मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, नैनीताल निवासी एक महिला की शिकायत पर मल्लीताल कोतवाली में नरेश पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार सुबह पुलिस उन्हें भवाली से पूछताछ के लिए लेकर आई थी। देर रात तक चली पूछताछ और जांच प्रक्रिया के बाद बुधवार को उन्हें हिरासत से मुक्त कर दिया गया। इस दौरान उनकी पत्नी और बेटा पूरे समय कोतवाली परिसर में मौजूद रहे।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पुलिस ने नरेश पांडे के साथ चलने वाले हथियारबंद बाउंसरों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग और भय का माहौल बनाए जाने की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने एक बाउंसर के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया है, जबकि अन्य के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रिहाई के बाद नरेश पांडे ने खुद पर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। वहीं भवाली में उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और सभी पक्षों व साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
