देवभूमि का सुरक्षा कवच: आईजी निवेदिता कुकरेती ने जनसंवाद में दिया सुरक्षा का मंत्र, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ जनता से मांगा सहयोग…

IMG-20260807-WA0017
खबर शेयर करें -

हल्द्वानी। कुमाऊँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती (आईपीएस) ने गुरुवार को हल्द्वानी कोतवाली सभागार में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन से सीधा संवाद कर पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग को मजबूत करने का संदेश दिया। “देवभूमि का सुरक्षा कवच” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा नशामुक्त उत्तराखण्ड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जागरूक किया गया।

 

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में किया गया। शुरुआत में आईजी कुमाऊँ ने कोतवाली परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल एवं एसपी संचार रेवाधर मठपाल ने किया।

यह भी पढ़ें:  बिंदुखत्ता की बुलंद आवाज दिल्ली तक गूंजी, केंद्र ने माना साक्ष्यों का दम, 84 पन्नों के 13 साक्ष्यों पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय का संज्ञान, FRA के तहत कार्रवाई के निर्देश; राजस्व ग्राम की उम्मीदों को मिली नई ताकत...

 

जनसंवाद के दौरान आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, एआई आधारित साइबर फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, डिजिटल अरेस्ट और म्यूल अकाउंट जैसे नए अपराधों से बचने के उपाय बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल और मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराकर धनराशि फ्रीज कराई जा सकती है।

 

महिला एवं बाल सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने जीरो एफआईआर, महिला हेल्पलाइन-181, महिला चीता पुलिस, वन स्टॉप सेंटर (सखी), SOS और लाइव लोकेशन सुविधा सहित नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी। वहीं बच्चों की सुरक्षा के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, मिशन वात्सल्य पोर्टल और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की भूमिका पर प्रकाश डाला।

यह भी पढ़ें:  लालकुआं गोला गेट पर पुलिस का शिकंजा: 116 पाउच कच्ची शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, सप्लायर भी रडार पर...

 

सड़क सुरक्षा को लेकर आईजी ने गोल्डन ऑवर, गुड सेमेरिटन (राह-वीर) योजना, ANPR कैमरे, ई-चालान प्रणाली और ब्लैक स्पॉट सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सभी से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।

 

उन्होंने “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत ऑपरेशन प्रहार, नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए लोगों से नशा तस्करों की सूचना 1800-137-7001 (Dial Against Drugs) या MANAS पोर्टल के माध्यम से गोपनीय रूप से देने की अपील की।

 

जनसंवाद कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, व्यापार मंडलों, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के समक्ष जनहित से जुड़े मुद्दे और सुझाव रखे। आईजी कुमाऊँ ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण से जुड़े विषयों पर विशेष रुचि दिखाई।

यह भी पढ़ें:  उत्तराखंड का बढ़ा राजनीतिक कद: संजीव आर्य बने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश के सह–प्रभारी, संगठन में मजबूत पकड़ और जमीनी राजनीति का मिला इनाम, कांग्रेस नेतृत्व ने जताया बड़ा भरोसा...

 

कार्यक्रम में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। आईजी कुमाऊँ ने अंत में कहा कि अपराध और नशे के खिलाफ पुलिस तभी प्रभावी कार्रवाई कर सकती है, जब जनता भी सक्रिय सहयोग करे। पुलिस और समाज की साझेदारी ही सुरक्षित एवं अपराधमुक्त उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत है।

Ad Ad Ad