उत्तराखण्ड: रोजगार, कृषि और पर्यटन को नई रफ्तार देने पर मुख्यमंत्री धामी का जोर…

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन एवं उद्योग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से योजनाओं की पूरी जानकारी आमजन तक पहुँचाई जाए, ताकि पात्र व्यक्ति समय पर लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी ढंग से कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि आवंटित बजट का पूर्ण और ठोस आउटकम प्राप्त हो। उन्होंने उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त को अनिवार्य रूप से उन्नति पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके तहत लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और किसानों को प्रोत्साहन एवं देयकों का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य में कीवी उत्पादन को भी तेजी से बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएँ हैं। ‘हनी मिशन’ के तहत शहद उत्पादन को और सशक्त किया जाएगा तथा राज्य में शहद का ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाएगा। बागवानी एवं मौन पालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञ टीमों को भेजने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जी.आई. टैग मिल चुका है, जिनमें 18 कृषि से जुड़े हैं, जबकि इस वर्ष 25 अन्य उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए चिन्हित किया जाएगा। 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट पॉलिसी के अंतर्गत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी और चीना को शामिल किया गया है। अब तक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट फसलों की खरीद की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। पर्यटन क्षेत्र में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के माध्यम से हजारों लोगों को स्वरोजगार मिला है। वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 17,450 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है—किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोजगार देना और उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर बनाना।
