डिजिटल भारत की ओर बड़ा कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की जनगणना 2027 की स्व-गणना की शुरुआत..
देहरादून। उत्तराखण्ड में जनगणना 2027 के तहत एक नई डिजिटल शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास पर स्वयं ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की और राज्य में इस महत्वपूर्ण अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पूरी डिजिटल प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह पहल पारदर्शिता, सटीकता और जनभागीदारी को सुनिश्चित करेगी तथा भारत को डिजिटल युग में एक मजबूत पहचान दिलाएगी।
उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ (HLO) है, जिसमें घरों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और पारिवारिक विवरणों से जुड़ी अहम जानकारी एकत्र की जा रही है। इस बार नागरिकों को ‘स्व-गणना’ की सुविधा दी गई है, जिससे वे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं। इससे प्रक्रिया न केवल आसान होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह डेटा राज्य और देश की भविष्य की नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा, इसलिए इसकी शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वयं आगे आकर स्व-गणना करें और इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी आंकड़ों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना 2027 न केवल विकास की आधारशिला है, बल्कि यह उत्तराखण्ड में डिजिटल सशक्तिकरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, निदेशक (जनगणना संचालन) श्रीमती ईवा श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
