बड़ी खबर: अब हल्द्वानी में बनेगा हाईकोर्ट का भव्य परिसर, गौ पालन से लेकर खेल विश्वविद्यालय तक धामी कैबिनेट के 15 बड़े फैसले…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, श्रमिक हित, पर्यटन, खेल और न्यायिक ढांचे से जुड़े 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट के फैसलों में हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए करीब 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण की मंजूरी को सबसे अहम निर्णयों में माना जा रहा है। इसके अलावा सामान्य वर्ग के लोगों को भी गौ पालन योजना का लाभ देने और राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 नए पद स्वीकृत करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार करीब 40 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने को मंजूरी दी है। प्रस्तावित परिसर में मुख्य न्यायालय भवन के साथ न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ताओं के चैंबर, प्रशासनिक भवन, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस फैसले के बाद हल्द्वानी में हाईकोर्ट के स्थायी और आधुनिक परिसर को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। इससे कुमाऊं क्षेत्र में न्यायिक ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
धामी कैबिनेट ने गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पात्र लोगों को भी योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों को अधिकतम दो दुधारू पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
श्रमिकों के हित में कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत नियोक्ताओं के लिए प्रत्येक माह 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
वेतन भुगतान डिजिटल माध्यम से किए जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही समान कार्य के लिए महिला और पुरुष श्रमिकों को समान वेतन देने की व्यवस्था को भी प्रभावी किया गया है।
हल्द्वानी के गौलापार में विकसित किए जा रहे उत्तराखंड के पहले राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
करीब 90 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस विश्वविद्यालय का लक्ष्य मिशन ओलंपिक-2036 की दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है। नए पदों की मंजूरी से विश्वविद्यालय के संचालन और खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के लिए एमओयू को मंजूरी प्रदान की है।
इस परियोजना से हरिद्वार की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से और बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के पुनर्गठन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति जबरखेत मॉडल की तर्ज पर नए ईको टूरिज्म हब विकसित करने के साथ ट्रेकिंग और पर्वतारोहण नीति को आगे बढ़ाएगी।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है। इससे छात्रावासों के संचालन में एकरूपता, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की उम्मीद है।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण के लिए प्रोटोकॉल को मंजूरी दी गई है। इससे पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव में स्थानीय स्तर पर भागीदारी बढ़ेगी।
उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसमें श्रमिकों और उद्योगों के बीच विवादों के त्वरित समाधान के लिए व्यवस्था मजबूत की गई है। शिकायत समितियों के गठन और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा रोजगार का अवसर देने से जुड़ा प्रावधान भी इसमें शामिल है।
उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 को मंजूरी देते हुए स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की परीक्षा का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
कैबिनेट ने उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंजूरी दी है, जिससे राज्य के जीएसटी कानूनों को केंद्र के संशोधनों के अनुरूप किया जाएगा।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन करते हुए कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सहकारी समितियों का सदस्य बनने का अधिकार देने का फैसला किया गया है।
बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े सहायता कोष की संचालन समिति में उसी समुदाय के प्रतिनिधियों की नियुक्ति संबंधी संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।
एक नजर में धामी कैबिनेट के बड़े फैसले
• सामान्य वर्ग के पात्र लोगों को भी गौ पालन योजना का लाभ
• दो दुधारू पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी
• मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी
• हर माह 7 तारीख तक वेतन भुगतान अनिवार्य
• महिला और पुरुष श्रमिकों को समान कार्य पर समान वेतन
• हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए करीब 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
• राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 नए पद स्वीकृत
• मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए यूपी से एमओयू
• ईको टूरिज्म के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति का पुनर्गठन
• समाज कल्याण छात्रावासों के लिए नई नियमावली
• जल जीवन मिशन की योजनाओं के हस्तांतरण का प्रोटोकॉल
• औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी
• वन विकास निगम सेवा नियमों में संशोधन
• जीएसटी संशोधन अध्यादेश को मंजूरी
• सहकारी समिति नियमावली में महत्वपूर्ण बदलाव
कुल मिलाकर धामी कैबिनेट के ये फैसले न्यायिक ढांचे के विस्तार से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, खेल, पर्यटन और औद्योगिक विकास तक कई क्षेत्रों में बदलाव की दिशा तय करते नजर आ रहे हैं।
