30 हजार फीट से मौत की ओर बढ़ रहा था विमान, घायल कैप्टन ने बचाई सैकड़ों जिंदगियां…

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नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 में उस समय बेहद गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जब उड़ान के दौरान कॉकपिट में दो पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए, लेकिन गंभीर परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण संभालते हुए सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

 

जानकारी के मुताबिक, विमान उस समय करीब 30 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। अचानक हुई घटना के बाद विमान महज कुछ सेकंड में हजारों फीट नीचे आ गया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, विमान करीब 29 सेकंड में 30,875 फीट से घटकर 16,750 फीट तक पहुंच गया। इस दौरान विमान के नीचे आने की गति लगभग 30 हजार फीट प्रति मिनट दर्ज की गई।

 

बताया जा रहा है कि कॉकपिट में हुए हमले में कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालते हुए विमान को नियंत्रित किया और उसे खतरनाक स्थिति से बाहर निकाला। इसके बाद क्रू सदस्यों ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर कथित हमलावर को-पायलट को काबू में किया।

 

फ्लाईदुबई ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फ्लाइट डेक में एक झगड़ा हुआ था। घटना के दौरान विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे।

 

कैप्टन स्मित मछार को प्रशिक्षण देने वाले एक वरिष्ठ पायलट ने उनके बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने न्यूजीलैण्ड से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का कोर्स किया था। इसके बाद उन्होंने गुरुग्राम के मानेसर स्थित FSTC में बोइंग 737 की टाइप रेटिंग की ट्रेनिंग ली।

 

सीनियर पायलट के मुताबिक, स्मित बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं और हमेशा कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि स्मित के बारे में उन्हें कोई नकारात्मक बात याद नहीं है। बताया गया है कि स्मित मछार के भाई भी पायलट हैं और वह भी फ्लाईदुबई के लिए उड़ान भरते हैं।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी का उल्लेख करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

 

प्रधानमंत्री के मुताबिक, कैप्टन की बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई।

 

रिपोर्टों के अनुसार, FZ 1073 में कुल 174 यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक शामिल थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उड़ान के दौरान एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की।

 

विमान में दो अन्य पायलट भी यात्री के रूप में मौजूद थे, जिन्हें बाद में विमान को तेल अवीव से दुबई वापस ले जाने के लिए उड़ान भरनी थी।

 

घटना के दौरान विमान के तेजी से नीचे आने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। उपलब्ध फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक विमान ने बहुत कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई गंवाई। इसी दौरान कैप्टन स्मित ने नियंत्रण हासिल कर विमान को सुरक्षित दिशा में लाने की कोशिश की।

 

कैप्टन की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उनके दोस्त, साथी और प्रशिक्षण से जुड़े लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि विमानन क्षेत्र में आपात परिस्थितियों के दौरान पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

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