बागेश्वर में पहाड़ी वास्तुशैली में बनेगा राज्य अतिथि गृह, ₹19.30 करोड़ की कार्ययोजना पर मंथन, स्थानीय पहचान और आधुनिक सुविधाओं का होगा समावेश, डोरमेट्री में 20 लोगों की क्षमता के निर्देश…

FB_IMG_1786639079287
खबर शेयर करें -

 

 

बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के निर्माण को गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण कार्य की समीक्षा की।

 

सचिव की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय व्यय वित्त समिति की बैठक में राज्य अतिथि गृह निर्माण की ₹1930.11 लाख की संस्तुत विस्तृत कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रान्तीय खंड, लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर की ओर से प्रस्तावित निर्माण कार्य का प्रस्तुतीकरण किया गया।

यह भी पढ़ें:  नैनीताल में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, 6.97 लाख से अधिक मतदाता दर्ज...

 

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह का भवन आकर्षक स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि भवन केवल एक सरकारी परिसंपत्ति के रूप में उपयोगी न हो, बल्कि बागेश्वर की स्थानीय पहचान, संस्कृति और पारंपरिक वास्तुकला को भी प्रदर्शित करे।

 

बैठक में अतिथि गृह में प्रस्तावित डोरमेट्री कक्ष की क्षमता को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सचिव ने डोरमेट्री को 20 व्यक्तियों की क्षमता के अनुरूप विकसित करने को कहा। साथ ही उपलब्ध अतिरिक्त क्षेत्रफल का बेहतर उपयोग करते हुए उसमें स्टोर कक्ष का प्रावधान करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें:  लंबित विवेचनाओं पर एसपी सिटी का शिकंजा, 60–90 दिन पुराने मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देश...

 

उन्होंने कार्यदायी संस्था को कार्ययोजना में बैठक के दौरान दिए गए सभी सुझावों और आवश्यक संशोधनों को शामिल करने के निर्देश दिए। सचिव ने संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा।

 

सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में स्थानीय वास्तुशैली और क्षेत्र की विशिष्ट पहचान का समावेश होने से सरकारी भवनों की उपयोगिता के साथ-साथ उनकी विशिष्टता भी बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें:  खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रशासन का शिकंजा, 22 दुकानदारों पर जुर्माना—गंदगी, सब-स्टैंडर्ड सामान और बिना लाइसेंस कारोबार के आरोप...

 

बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, संयुक्त सचिव राज्य संपत्ति विभाग सुरेंद्र सिंह रावत, नियोजन विभाग के प्रतिनिधि अयाज अहमद तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता ऋषिराज वर्मा उपस्थित रहे।

Ad Ad