कैंचीधाम में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस; बेसन के लड्डू और चायपत्ती के नमूने जांच को भेजे…

त्योहारी सीजन से पहले खाद्य विभाग अलर्ट, होटल-होमस्टे और प्रसाद विक्रेताओं की जांच; कमियां मिलने पर 15 दिन में जवाब देने के निर्देश।
कैंचीधाम/नैनीताल। आगामी पर्यटन सीजन और दशहरा-दीपावली के त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कैंचीधाम क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड, आयुक्त कुमाऊं और जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों पर हरतपा रोड तथा बाबा नीम करौली मंदिर के बाहर स्थित होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और प्रसाद-मिठाई विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।
अभियान के दौरान डेढ़ दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर एक होमस्टे संचालक और एक प्रसाद विक्रेता से बेसन के लड्डू तथा चायपत्ती के कुल दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, नमूनों की जांच रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। इनमें कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज, रसोई में पेस्ट कंट्रोल के लिए दवाओं के छिड़काव, खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट तथा प्रतिष्ठान में एफएसएसएआई लाइसेंस प्रदर्शित नहीं किए जाने जैसी कमियां शामिल हैं।
इन कमियों के आधार पर गोल्डन पाइंस होमस्टे, सिद्धि रेस्टोरेंट, बजरंग रेस्टोरेंट, बाबा मेंशन, शिवा होमस्टे, कैंची होमस्टे, स्वास्तिक होमस्टे सहित कुल 10 प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने संबंधित संचालकों को 15 दिन के भीतर कमियों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं होने पर आगे कोर्ट चालान की कार्रवाई की जा सकती है। विभाग के अनुसार, अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत उल्लंघन के मामलों में जुर्माने का भी प्रावधान है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी पर्यटन सीजन और दशहरा-दीपावली को देखते हुए विभाग पहले से ही सतर्कता बरत रहा है। खाद्य कारोबारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खरीदारी नहीं करने, स्टॉक का पूरा विवरण रखने तथा एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के भंडारण और बिक्री से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों से अपने स्टोर और रसोई की नियमित साफ-सफाई रखने तथा आवश्यकतानुसार पेस्ट कंट्रोल कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या गुणवत्ता से संबंधित अनियमितता मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे और मिठाई-प्रसाद विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
* सभी प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
* खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो।
* पैक्ड खाद्य सामग्री पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हों।
* प्रतिष्ठानों में रेट लिस्ट प्रदर्शित की जाए।
* खाद्य सामग्री की खरीद-बिक्री के लिए बिल या कैश मेमो का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाए।
* एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाए।
* खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री का भंडारण तथा बिक्री न की जाए।
* भोजन तैयार करने वाले कर्मचारी स्वच्छ एप्रन पहनें और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी, खराब या संदिग्ध गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले, तो विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान सहित विभाग के अन्य स्थानीय कर्मचारी मौजूद रहे।

