बागेश्वर में बाल वैज्ञानिकों को सीएम धामी की बड़ी सौगात, विज्ञान–नवाचार के लिए ₹1 करोड़ की घोषणा, हर विकासखंड में स्थापित होगी ‘लैब ऑन व्हील्स’, स्टेम लैब्स को एआई से जोड़ने की तैयारी; प्रदेश के सभी जिलों में बनेंगे विज्ञान एवं नवाचार केंद्र…

FB_IMG_1791543223263
खबर शेयर करें -

बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमांत जनपदों में विज्ञान, शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक-एक ‘लैब ऑन व्हील्स’ स्थापित करने, राज्य की STEM लैब्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने और सभी जनपदों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की घोषणा की।

 

उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में आयोजित यह दो दिवसीय महोत्सव सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहा है। इसमें चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के कुल 240 चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान और तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और नई संभावनाओं के लिए तैयार हो सकें। राज्य सरकार विद्यालयों में विज्ञान आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ AI, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।

यह भी पढ़ें:  GST काउंसिल के बड़े फैसले: कारोबारियों को राहत, GST में कई नियम होंगे आसान; गिरफ्तारी की शक्ति हटाने और प्रॉसिक्यूशन की सीमा ₹5 करोड़ करने की सिफारिश...

 

उन्होंने कहा कि विज्ञान महोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नए प्रयोग करने की भावना विकसित करते हैं। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को ऐसे मंच मिलने से उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होते हैं।

 

मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे बाल वैज्ञानिकों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का उत्तर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से खूब पढ़ने, नए विचार विकसित करने और सवाल पूछने की आदत बनाए रखने का आह्वान किया।

 

उन्होंने कहा कि आज के बाल वैज्ञानिक ही भविष्य में देश के प्रमुख वैज्ञानिक, इंजीनियर और शोधकर्ता बनेंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

यह भी पढ़ें:  कुमारी शैलजा से मिले हरीश रावत, 2027 में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ पार्टी को मजबूत करने पर जोर, हरदा बोले—राज्य और जनता के मुद्दों पर उठाता रहूंगा आवाज, राहुल गांधी की लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में हर व्यक्ति को जोड़ने की जरूरत...

 

मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा में आधुनिक तकनीक के समावेश पर जोर देते हुए रोबोटिक्स एवं ड्रोन तकनीक को शिक्षा से जोड़ने और महिला विकास एवं विज्ञान विषय पर सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि विज्ञान और तकनीक का उपयोग सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और स्मार्ट कृषि को आगे बढ़ाने में किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि देहरादून में साइंस सिटी और चंपावत में साइंस सेंटर विकसित किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को विज्ञान के प्रति प्रोत्साहित करना तथा शोध एवं तकनीकी गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

 

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन पालन और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें:  कैंचीधाम में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस; बेसन के लड्डू और चायपत्ती के नमूने जांच को भेजे...

 

महोत्सव के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों कविता हरकोटिया, दीप चंद जोशी, हरिमोहन ऐठाणी और ख्याली दत्त को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम में कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और बाल वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

 

महोत्सव के माध्यम से सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ आधुनिक शिक्षा के अवसरों को विस्तार देने पर जोर दिया गया।

Ad Ad