कुमाऊँ में जलभराव खत्म करने की तैयारी तेज, 2047 विज़न के साथ करोड़ों की ड्रेनेज योजनाएं तैयार….

FB_IMG_1776420654764
खबर शेयर करें -

 

 

कुमाऊँ मंडल के शहरों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल शुरू हो गई है। पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने नैनीताल और उधमसिंह नगर के शहरी क्षेत्रों के लिए विस्तृत ड्रेनेज योजनाएं तैयार की हैं, जिनकी समीक्षा कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी में की।

 

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी *विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)* का तकनीकी परीक्षण कर उन्हें शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि योजनाओं पर जल्द अमल शुरू हो सके।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग–गड्ढों में तब्दील लालकुआं–बिंदुखत्ता का मुख्य मार्ग, हादसे को दे रहा निमंत्रण, जल भराव और कीचड़ से राहगीर परेशान, कुमाऊं आयुक्त से तत्काल मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग...

 

 

 

सिंचाई विभाग के अनुसार यह ड्रेनेज प्लान केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके लिए पिछले वर्षों में हुई अधिकतम वर्षा के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, जिससे भविष्य में भी जलभराव की समस्या न हो।

यह भी पढ़ें:  नेपाल से आए अधिकारियों ने देखा पिथौरागढ़ का गौरव, सौर किले की विरासत ने जीता दिल, भारत-नेपाल समन्वय बैठक के बीच ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण, नेपाली अधिकारियों ने की सांस्कृतिक विरासत की सराहना...

 

 

* **खटीमा**: ₹313.45 करोड़

* **सितारगंज**: ₹155.05 करोड़

* **रुद्रपुर नगर निगम**: ₹441.79 करोड़

* **काशीपुर नगर निगम**: ₹220.98 करोड़

* **हल्द्वानी नगर निगम**: ₹430.23 करोड़

* **रामनगर: ₹17.36 करोड़

गदरपुर (ग्रामीण क्षेत्र)**: ₹7.58 करोड़

मालधनचौड़ क्षेत्र**: 7 गांवों के लिए अलग योजना

 

 

 

योजनाओं के तहत नए ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण, पुराने नालों का चौड़ीकरण और सुधार, साथ ही कई क्षेत्रों में पंप हाउस बनाए जाएंगे। इससे निचले इलाकों में जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें:  मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, हल्द्वानी-लालकुआं में ताबड़तोड़ निरीक्षण, 10 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, घी, किशमिश और बेसन के नमूने जांच को भेजे; मिसब्रांडिंग पर चालानी कार्रवाई की तैयारी...

 

 

 

अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद कुमाऊँ क्षेत्र के शहरों में हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

 

यह पूरी कवायद शहरी विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने की मजबूत तैयारी मानी जा रही है।

Ad