नेपाल से आए अधिकारियों ने देखा पिथौरागढ़ का गौरव, सौर किले की विरासत ने जीता दिल, भारत-नेपाल समन्वय बैठक के बीच ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण, नेपाली अधिकारियों ने की सांस्कृतिक विरासत की सराहना…
पिथौरागढ़। भारत-नेपाल समन्वय बैठक में प्रतिभाग करने पिथौरागढ़ पहुंचे नेपाल के बैतड़ी एवं दार्चुला जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों ने मंगलवार को ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण किया। इस दौरान नेपाली अधिकारियों ने किले की ऐतिहासिकता, वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व को करीब से जाना और पिथौरागढ़ की समृद्ध विरासत की जमकर सराहना की।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों को सौर किले के इतिहास, इसके निर्माण एवं क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ पिथौरागढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। किले की स्थापत्य शैली और इससे जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को देखकर नेपाली अधिकारी खासे प्रभावित नजर आए।
नेपाली अधिकारियों ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के ऐसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण दोनों देशों के लोगों और प्रशासन के बीच आपसी समझ को मजबूत करने के साथ ही साझा विरासत को जानने का अवसर भी प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत और नेपाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और उन्हें पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाना दोनों देशों के लिए साझा अवसर भी है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई, उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।