नारसन बॉर्डर पर खुली गुप्ता चार्ट भंडार की पहचान, पुलिस ने किया एक्शन

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मंगलौर के नारसन स्थित गुप्ता चाट भंडार मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि गुप्ता चाट परिसर में जिस दुकान पर गुप्ता टी स्टॉल का बोर्ड लगा था, उसका संचालन एक गुलफाम नाम का व्यक्ति कर रहा था।

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुप्ता चाट भंडार के संचालक अशोक और गुलफाम दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसपी देहात ने साफ किया है कि यह केवल नाम का नहीं, पहचान और मंशा का मामला है और इसमें जो भी लीगल प्रोसेस बनती है, उसे पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और कावड़ मेले से पहले इस तरह के मामलों को लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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बता दें कि हरिद्वार के नारसन बॉर्डर पर खुली पहचान की पोल गुप्ता चार्ट भंडार की असली पहचान गुलफाम निकली हरिद्वार के प्रवेश द्वार नारसन बॉर्डर पर एक दुकान की असली पहचान छुपाने का मामला सामने आया है। गुप्ता चार्ट भंडार नाम से संचालित इस दुकान पर जब श्रद्धालुओं ने खरीदारी के बाद स्कैनिंग की, तो उसमें मालिक का नाम गुलफाम निकला।इससे न सिर्फ ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बनी, बल्कि धार्मिक भावना को लेकर भी नाराजगी देखी गई।गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा से पहले ही पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया था कि कोई भी दुकान या प्रतिष्ठान अपनी पहचान न छुपाए।ऐसे में दुकान का नाम बदलकर कार्य करना कहीं न कहीं श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा माना जा रहा है।

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