मदरसन फैक्ट्री विवाद में पुलिस का बड़ा एक्शन: जांच अधिकारी बदला, ‘पर्दे के पीछे’ के खिलाड़ियों की तलाश तेज…
हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित मदरसन कंपनी में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच अधिकारी (विवेचना अधिकारी) बदल दिया है, जिससे पूरे प्रकरण की जांच को और अधिक निष्पक्ष और प्रभावी बनाया जा सके।
पहले इस मामले की जांच हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी के पास थी, लेकिन अब इसे हल्द्वानी कोतवाल को सौंप दिया गया है। पुलिस का मानना है कि उच्च स्तर के अधिकारी द्वारा जांच किए जाने से पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल हो सकेगी।
इस मामले में पुलिस पहले ही पीयूष जोशी समेत 25 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इन पर आरोप है कि इन्होंने श्रमिकों को भड़काने, डराने और आंदोलन को उग्र बनाने में अहम भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब उन लोगों की पहचान में जुट गई है जो सामने नहीं आए, लेकिन पर्दे के पीछे रहकर पूरे आंदोलन को दिशा दे रहे थे। इसके लिए संदिग्धों के मोबाइल फोन की जांच की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
गौरतलब है कि मदरसन कंपनी के श्रमिक वेतन वृद्धि सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान कुछ राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों के शामिल होने से मामला और गरमा गया था। पुलिस ने एक पार्षद, कांग्रेस नेता और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में भी लिया था, जिससे यह विवाद सुर्खियों में आ गया।
हालांकि अब कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच समझौता हो चुका है और स्थिति पूरी तरह शांत बताई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल ने बताया कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ही इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को नया विवेचक नियुक्त किया गया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की तैयारी में है, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर इस आंदोलन के पीछे असली ‘मास्टर माइंड’ कौन था।
