हार के बाद भी अडिग: ममता बोलीं—‘जनता का फैसला सिर माथे, पर लड़ाई जारी रहेगी’…
कोलकाता। चुनाव में अपेक्षित परिणाम न आने के बाद भी ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उनकी राजनीति पद के लिए नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के लिए है।
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान ममता ने चुनाव नतीजों को लेकर कई सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक चुनावी हार नहीं, बल्कि कई स्तरों पर हुई गड़बड़ियों का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और इस पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की। ममता ने कहा, “हम लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। जनता का जो फैसला आया है, हम उसका सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी आवाज दबा देंगे।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और गरमा सकता है। ममता ने यह भी संकेत दिए कि वह संगठन को और मजबूत करेंगी और जमीनी स्तर पर फिर से पकड़ बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
वहीं, विपक्ष इसे जनता का स्पष्ट जनादेश बता रहा है और कह रहा है कि अब राज्य में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन ममता का तेवर साफ बता रहा है कि बंगाल की राजनीति में मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ है बल्कि एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
