डीएम रयाल की सख्ती से बदली तस्वीर: 7 हजार से ज्यादा विरासत मामलों का निस्तारण, हजारों परिवारों को बड़ी राहत…
नैनीताल/हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में वर्षों से लंबित चले आ रहे निर्विवाद विरासत नामांतरण और राजस्व विवादों के निस्तारण में जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के स्पष्ट निर्देशों, सख्त मॉनिटरिंग और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का असर अब साफ दिखाई दे रहा है।
डीएम रयाल द्वारा इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राजस्व विभाग को ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए थे, जिनके सकारात्मक और ठोस परिणाम सामने आए हैं।
7070 विरासत मामलों का समाधान, प्रशासनिक रिकॉर्ड, 29 जनवरी 2026 तक जनपद नैनीताल में
➡️ 7070 निर्विवाद विरासत नामांतरण मामलों का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
➡️ 1640 राजस्व विवादों में से 1473 मामलों का भी समाधान हो चुका है।
इन प्रभावी प्रयासों की सराहना उत्तराखंड शासन स्तर पर भी की जा रही है, जिसे प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।
चौपाल मॉडल बना बदलाव का आधार, बीते चार महीनों में राजस्व विभाग द्वारा गांव-गांव चौपाल लगाकर समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। इससे न केवल मामलों का तेजी से निस्तारण हुआ, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत हुआ।
तहसीलवार निस्तारण की स्थिती
* नैनीताल – 2237
* रामनगर – 1280
* कालाढूंगी – 767
* हल्द्वानी – 728
* धारी – 695
* श्री कैंचीधाम – 405
* लालकुआं – 335
* खनस्यू – 325
* बेतालघाट – 298
सबसे अधिक निस्तारण तहसील नैनीताल में किया गया है।
अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई, प्रशासन ने सरकारी भूमि से 200 से अधिक अतिक्रमण हटाकर स्पष्ट संदेश दिया है।
* मार्गों पर अवैध कब्जे के 142 में से 131 मामलों का निस्तारण
* सिंचाई गूल पर 20 में से 11 अतिक्रमण हटाए गए
* सार्वजनिक मार्गों व नहरों पर 62 में से 54 मामलों में कार्रवाई
अन्य राजस्व मामलों में भी तेज रफ्तार
* पैमाइश – 1011 में से 921
* मेढ़ व खेत सीमा विवाद – 121 में से 106
* कुर्रा नक्शा – 73 में से 53
* नाम संशोधन – 84 में से 81
* अन्य राजस्व मामले – 127 में से 116 निस्तारित
डीएम रयाल का सख्त संदेश जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट कहा—“निर्विवाद विरासत और राजस्व मामलों का निस्तारण अभियान के रूप में जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जनता को समयबद्ध न्याय, प्रशासन पर भरोसा मजबूत, इन निर्णायक कदमों से न केवल राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि हजारों परिवारों को समय पर न्याय और राहत मिली है। निर्विवाद विरासत मामलों के त्वरित निस्तारण में नैनीताल जनपद ने एक नई मिसाल कायम की है, जो अन्य जिलों के लिए भी एक प्रभावी प्रशासनिक मॉडल बनकर उभरा है।
