PRAGATI पोर्टल से उत्तराखण्ड की विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार, ₹3.50 लाख करोड़ की 42 परियोजनाओं की हो रही निगरानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…


देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भारत सरकार के PRAGATI पोर्टल की भूमिका और उत्तराखण्ड में संचालित प्रमुख केंद्रीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि PRAGATI (Pro-Active and Timely Implementation) पोर्टल को योजनाओं, परियोजनाओं और जन शिकायतों की त्वरित समीक्षा एवं समाधान के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू किया गया था। यह पोर्टल भारत सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं की निगरानी के साथ-साथ अड़चनों के समाधान में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, रेलवे, आईटी, स्वास्थ्य और हवाई सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। वर्तमान में उत्तराखण्ड में ₹3.50 लाख करोड़ के निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इनमें से ₹1.22 लाख करोड़ के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स PRAGATI मैकेनिज्म के तहत रिव्यू किए जा रहे हैं, जिनमें से 10 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 32 परियोजनाओं पर कार्य तीव्र गति से जारी है।
उन्होंने बताया कि अंडर इम्प्लीमेंटेशन 32 परियोजनाओं में से 12 परियोजनाएं PRAGATI पोर्टल के माध्यम से मॉनिटर की जा रही हैं। इनमें सड़क व राजमार्ग की 19, आईटी/आईटीईएस की 3, ऊर्जा उत्पादन की 3, रेलवे की 2 तथा कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट एवं जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने चारधाम सड़क परियोजना और ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे लाइन को राज्य की ऐतिहासिक परियोजनाएं बताते हुए कहा कि इनसे न केवल पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी राज्य मजबूत होगा। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के पूर्ण होने से मानसून के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
उन्होंने दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, धनोल्टी और देहरादून आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी।
जल विद्युत परियोजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन के कारण आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर समाधान की दिशा में काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) 2025-26’ के तहत उत्तराखण्ड को ₹734 करोड़ की अतिरिक्त ऋण राशि तथा शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार के लिए ₹25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में SASCI योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड को मिली कुल सहायता ₹1,806.49 करोड़ तक पहुँच गई है।
अंत में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के विज़न को साकार करने और इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
