बिग ब्रेकिंग–नैनीताल में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, गुलदार की दो खालों व हड्डियों के साथ तस्कर गिरफ्तार…
नैनीताल। उत्तराखंड वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए नैनीताल–किलबरी–पंगूट मोटर मार्ग पर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से गुलदार की दो खालें और भारी मात्रा में हड्डियां बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में अवशेषों के करीब छह माह पुराने होने की आशंका जताई जा रही है।
यह कार्रवाई प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल आकाश गंगवार एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद के निर्देशन में की गई। ऑपरेशन में वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन कार्की, आनंद लाल आर्या तथा एसटीएफ की विशेष टीम शामिल रही।
वन विभाग को लंबे समय से बागेश्वर क्षेत्र में वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। गुप्त निगरानी के बाद बुधवार को उस समय कार्रवाई की गई, जब तस्कर गुलदार की खालें बाहरी तस्करों को बेचने के लिए नैनीताल की ओर जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेश सिंह कपकोटी पुत्र स्व. जसवंत सिंह, निवासी कपकोट, थाना कपकोट, जिला बागेश्वर के रूप में हुई है। उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में तस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आ रही है। विस्तृत पूछताछ के बाद यह स्पष्ट होगा कि गुलदार का शिकार कब और किस वन क्षेत्र में किया गया।
गौरतलब है कि गुलदार (लेपर्ड) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल है और इसका शिकार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। मामले में नगरपालिका फॉरेस्ट रेंज, नैनीताल में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान में वन विभाग की ओर से रेंजर ललित मोहन कार्की, आनंद लाल आर्या, विमला नागरकोटी, सौरभ, राजेंद्र वर्मा, गोविंद सिंह तथा एसटीएफ से इंस्पेक्टर एम.पी. सिंह, उप निरीक्षक बृजभूषण गुरुरानी, प्रकाश भगत, गोविंद बिष्ट, जगपाल सिंह, रियाज अख्तर एवं मोहित वर्मा शामिल रहे।
वन विभाग और एसटीएफ की टीम अब तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है।
