बिग ब्रेकिंग–उत्तराखंड के होनहार आईपीएस डॉ. सदानंद दाते बने सेबी के कार्यकारी निदेशक, जांच विभाग की कमान संभाली…

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उत्तराखंड–उत्तराखंड कैडर के वर्ष 2007 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. सदानंद दाते ने देश के प्रमुख बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्हें सेबी के अहम जांच विभाग (इन्वेस्टिगेशन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पूंजी बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने और वित्तीय अनियमितताओं पर नजर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

 

डॉ. दाते ने मार्च माह के प्रथम सप्ताह में पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति को न केवल उत्तराखंड बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि और भरोसे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव और सख्त कार्यशैली से बाजार में जवाबदेही और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।

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सेबी में नियुक्ति से पहले डॉ. दाते केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। यहां उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) और बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड सेल (बीएसएफसी) में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। मुंबई में भी उन्होंने आर्थिक अपराध शाखा, विशेष अपराध शाखा और भ्रष्टाचार विरोधी इकाइयों का सफल नेतृत्व करते हुए कई जटिल मामलों को सुलझाया।

 

 

 

उत्तराखंड में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उत्तरकाशी, नैनीताल, हरिद्वार, उधमसिंहनगर और देहरादून जैसे जिलों में एसपी और एसएसपी के रूप में सेवाएं दीं। साथ ही राज्य एसटीएफ और एसआईटी के प्रमुख के रूप में कई बड़े मामलों का खुलासा किया। उनके नेतृत्व में “मित्र पुलिस” की अवधारणा को बढ़ावा मिला और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था मजबूत हुई।

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उधमसिंहनगर में तैनाती के दौरान डॉ. दाते ने चर्चित एनएच-74 घोटाले का खुलासा कर कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस केस में जमीनों के फर्जीवाड़े को उजागर करते हुए कई आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके अलावा उन्होंने “मुन्ना भाई” गिरोह, नशा तस्करी और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ भी प्रभावी अभियान चलाए।

 

 

 

डॉ. दाते की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बेहद मजबूत है। उन्होंने मुंबई के ग्रांट मेडिकल कॉलेज एवं सर जेजे समूह अस्पताल से एमबीबीएस किया है। इसके अलावा उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस प्रबंधन, मुंबई विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए, एलएलबी और एलएलएम की डिग्री हासिल की है। वे प्रमाणित धोखाधड़ी परीक्षक (CFE) भी हैं और उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हो चुके हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. दाते की नियुक्ति से सेबी के जांच तंत्र को नई दिशा मिलेगी। उनकी ईमानदार छवि और व्यापक अनुभव के चलते निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शिता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

 

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