बिग ब्रेकिंग–उत्तराखण्ड के शहरों को नई उड़ान: अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी शहरी तस्वीर…

FB_IMG_1776822501338
खबर शेयर करें -

 

 

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के शहरी विकास को नई दिशा मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Urban Challenge Fund (UCF) राज्य के लिए एक बड़ी सौगात बनकर उभर रही है, जो शहरों को आधुनिक, सशक्त और निवेश-अनुकूल बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

 

राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस योजना को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में अपर सचिव विनोद गिरी सहित आवास एवं शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान नगर निकायों को प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर उच्च गुणवत्ता वाली परियोजनाएं तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए।

यह भी पढ़ें:  बर्नीगाड़ को विकास की बड़ी सौगात: ₹217 करोड़ की 38 योजनाओं का शिलान्यास–लोकार्पण, राजकीय महाविद्यालय का भी शुभारंभ...

 

Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA) द्वारा संचालित इस योजना के तहत देशभर के शहरों के लिए ₹1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

 

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी नगर निकाय समयबद्ध तरीके से प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव तैयार करें, ताकि राज्य के शहरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा सके।

यह भी पढ़ें:  बर्नीगाड़ को विकास की बड़ी सौगात: ₹217 करोड़ की 38 योजनाओं का शिलान्यास–लोकार्पण, राजकीय महाविद्यालय का भी शुभारंभ...

 

पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड के सभी 108 नगर निकाय इस योजना के तहत क्रेडिट रीपेमेंट गारंटी के दायरे में आएंगे। इससे छोटी नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें भी बैंक ऋण लेकर बड़े विकास कार्य शुरू कर सकेंगी।

 

योजना के तहत परियोजनाएं तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी—

 

* जल एवं स्वच्छता (पेयजल, सीवरेज, कचरा प्रबंधन)

* रचनात्मक पुनर्विकास (पुराने बाजार, विरासत स्थल, सार्वजनिक स्थान)

* शहरों को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करना (पर्यटन, शिक्षा, उद्योग)

 

केंद्रीय सहायता तीन चरणों में जारी होगी—30%, 50% और 20%। साथ ही, नगर निकायों को संपत्ति कर सुधार, डिजिटल सेवाएं, GIS सर्वे, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जलवायु अनुकूल योजनाओं को अपनाना होगा।

यह भी पढ़ें:  बर्नीगाड़ को विकास की बड़ी सौगात: ₹217 करोड़ की 38 योजनाओं का शिलान्यास–लोकार्पण, राजकीय महाविद्यालय का भी शुभारंभ...

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी निकाय जल्द से जल्द अपनी प्राथमिक परियोजनाएं चिन्हित कर कॉन्सेप्ट नोट और DPR तैयार करें। उनका लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड के शहर स्वच्छ, सुगम, आधुनिक और निवेश के लिए आकर्षक बनें।

 

यह योजना केवल एक फंड नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए उत्तराखण्ड के शहरी विकास का एक ठोस रोडमैप है। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह पहल राज्य के शहरों की तस्वीर बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

Ad Ad