बिग ब्रेकिंग–20 साल पीछे छूटा टेढ़ा गांव! सड़क पर पैदल उतरे राहुल सिंह दरम्वाल, ग्रामीणों का दर्द सुन बोले, अब मिलकर उठानी होगी आवाज…

रामनगर। क्षेत्र के टेढ़ा गांव में वर्षों से बदहाल सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया। समाजसेवी राहुल सिंह दरम्वाल ने गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ पैदल भ्रमण किया और सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ दर्जनों ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
गांव की गलियों और सड़कों पर पैदल चलते हुए ग्रामीणों ने राहुल सिंह दरम्वाल को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आज भी टेढ़ा गांव विकास के मामले में लगभग 20 साल पीछे चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आधे हिस्से में आज तक सड़क नहीं बन पाई है, जिससे लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव के समय तो नेता और जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं, लेकिन बाद में उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं देता। लोगों ने बताया कि वे कई बार विधायक आवास और पीडब्ल्यूडी कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार बजट का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, टेढ़ा गांव के लोग लंबे समय से सड़क निर्माण और सुधारीकरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
वहीं, राहुल सिंह दरम्वाल ने गांव का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए जनता को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं और इनके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
दरम्वाल ने कहा कि वे लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर सड़कों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं तथा संबंधित विभागों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टेढ़ा गांव की सड़क समस्या को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि राहुल सिंह दरम्वाल इससे पहले भी रामनगर क्षेत्र की कई सड़कों के निर्माण और सुधारीकरण को लेकर सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। यही वजह है कि टेढ़ा गांव के लोगों की उम्मीदें अब उनसे जुड़ती नजर आ रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और बुजुर्गों ने कहा कि दरम्वाल की कार्यशैली अलग है। वे केवल आश्वासन नहीं देते, बल्कि समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करते हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनके हस्तक्षेप से गांव की सड़क समस्या का जल्द समाधान निकल सकेगा।
इस दौरान ग्राम प्रधान रश्मि देवी, वार्ड सदस्य मदन सिंह, आनंद सिंह रावत, कृपाल सिंह रावत, दिनेश सिंह, विनोद रावत, राकेश रावत, पूरन सिंह रावत, जमन सिंह रावत, प्रेम सिंह रावत, प्रीतम सिंह रावत, जगत सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, जसवंत सिंह रावत, कमल सिंह रावत, भारत सिंह रावत, मनीष रावत, भगत सिंह रावत, राम सिंह रावत, उदय सिंह रावत, करन बिष्ट, कुलदीप बिष्ट, सौरभ छिमवाल, केशव बिष्ट सहित दर्जनों ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
