बिग ब्रेकिंग–प्यार, ब्लैकमेल और मौत: मेडिकल छात्र की संदिग्ध आत्महत्या से सनसनी, लखनऊ की युवती समेत दो पर मुकदमा…

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक निजी विश्वविद्यालय के बीएनवाईएस (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) के अंतिम वर्ष के छात्र की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की मां ने लखनऊ की एक युवती और उसके सहयोगी पर प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने, लाखों रुपये की उगाही करने और मानसिक प्रताड़ना देकर बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।

 

पुलिस ने मृतक की मां पूजा देवी की तहरीर के आधार पर आरोपी युवती रोमा कुमारी उर्फ अनुष्का और उसके एक साथी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी, धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले 26 वर्षीय रवींद्र कुमार देहरादून की एक निजी यूनिवर्सिटी में बीएनवाईएस के अंतिम वर्ष के छात्र थे। तहरीर के अनुसार, रोमा कुमारी ने पहले रवींद्र से प्रेम संबंध बनाए और शादी का झांसा देकर उसका विश्वास जीता। इसके बाद दोनों के बीच हुई निजी बातचीत और कथित अश्लील चैट व वीडियो को आधार बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया गया।

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परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवती और उसका सहयोगी कथित रूप से मोटी रकम की मांग करते रहे और निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर रवींद्र पर लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर छात्र ने आत्मघाती कदम उठा लिया।

 

सेलाकुई थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी। आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

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हालांकि, पुलिस जांच अभी जारी है और ब्लैकमेलिंग तथा आत्महत्या के बीच संबंध सहित सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया और ऑनलाइन रिश्तों के जरिए होने वाली कथित साइबर ब्लैकमेलिंग की घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे निजी तस्वीरें, वीडियो या संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतें और ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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