बिग ब्रेकिंग–77 पेटियों में फैला नशे का जाल बेनकाब: STF ने ट्रामाडोल तस्करी नेटवर्क के अहम सप्लायर को दबोचा…
देहरादून। उत्तराखण्ड में “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF/ANTF) ने प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की तस्करी करने वाले गिरोह पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए उसके सक्रिय सदस्य अंकित कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कई महीनों से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
यह कार्रवाई 11 मई 2026 को मंगलौर क्षेत्र से 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद होने के मामले की विवेचना के दौरान की गई। जांच में बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी मुख्य अभियुक्त सचिन मनिहाल से SPASMORE (Tramadol) कैप्सूल प्राप्त कर उन्हें हरिद्वार और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से बेचता था। बिक्री से प्राप्त रकम में अपना कमीशन रखने के बाद शेष धनराशि मुख्य आरोपी तक नकद और बैंक खाते के माध्यम से पहुंचाई जाती थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जनवरी 2026 से अब तक आरोपी को करीब 77 पेटियां (लगभग 6,930 डिब्बे) ट्रामाडोल कैप्सूल की विभिन्न खेपें मिली थीं। पुलिस का दावा है कि 27 अप्रैल 2026 को भेजी गई खेप के संबंध में आरोपी के बयान बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों से पूरी तरह पुष्ट हुए हैं।
पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने सह-अभियुक्त के साथ हुई व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे, लेकिन डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए इन तथ्यों की पुष्टि हो गई।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक जियो कीपैड मोबाइल फोन और एक वीवो V50e स्मार्टफोन बरामद कर जब्त किए गए हैं। एसटीएफ के अनुसार आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब उसके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी जल्द वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना तत्काल पुलिस या एसटीएफ को देने की अपील की गई है।
