चमोली में कुदरत का कहर, तमक नाले में आया भयानक जलसैलाब, वैली ब्रिज और कई वाहन बहे; BRO ऑपरेटर के लापता होने की सूचना…

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चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले की सीमांत नीती घाटी में सोमवार शाम कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अचानक आए भीषण जलसैलाब ने भारी तबाही मचा दी। तेज पानी और मलबे के सैलाब में वैली ब्रिज, एक पिकअप वाहन और एक ट्रक के बहने की सूचना है। वहीं, सीमा सड़क संगठन (BRO) के एक ऑपरेटर के भी तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है।

 

घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की बताई जा रही है। अचानक नाले का जलस्तर बढ़ने के बाद देखते ही देखते पानी का बहाव इतना विकराल हो गया कि 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से निर्मित वैली ब्रिज भी इसकी चपेट में आ गया। कुछ ही पलों में पुल तेज बहाव के साथ बह गया और सड़क पर खड़े वाहन भी पानी की धारा में समा गए।

 

बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में लगातार अतिवृष्टि के बाद नाले में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आ गया। तेज बहाव ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के वीडियो में जलसैलाब की भयावहता साफ दिखाई दे रही है, जिसमें एक वाहन पानी के तेज बहाव में बहता नजर आ रहा है, जबकि पोकलैंड मशीन भी पानी के बीच फंसी दिखाई दे रही है।

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घटना के बाद BRO के एक ऑपरेटर के लापता होने की सूचना से हड़कंप मच गया है। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार, उनकी BRO के मेजर से फोन पर बातचीत हुई है। मेजर ने एक ऑपरेटर के लापता होने की जानकारी दी है।

 

बताया गया कि ऑपरेटर मशीन चला रहा था, तभी अचानक तेज बारिश के साथ नाले का पानी बढ़ गया। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल पाया। आशंका है कि वह पानी के तेज बहाव में बह गया है। हालांकि, उसकी वास्तविक स्थिति राहत एवं बचाव टीमों के मौके पर पहुंचने और खोजबीन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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वैली ब्रिज के बह जाने से मलारी से आगे नीती घाटी की ओर आवाजाही बाधित हो गई है। सीमांत गांवों और भारत-चीन सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाला सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में इस घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

 

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। प्रशासन, आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं। टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद लापता कर्मचारी की तलाश के साथ ही नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

 

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, प्रारंभिक सूचना में एक पुल, एक वाहन, एक ट्रक और हवलदार रैंक के कर्मचारी के बहने की जानकारी सामने आई है। अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

 

नीती घाटी में भारी बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर जाने से बचें। किसी भी तरह की जोखिम भरी यात्रा न करें और प्रशासन की आधिकारिक सूचना के बाद ही आवाजाही करें।

 

चमोली समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बीच सीमांत नीती घाटी में हुई यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में अतिवृष्टि और अचानक आने वाले जलसैलाब के खतरे को सामने ले आई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता ऑपरेटर की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।

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