रामनगर में गोकशी के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, 120 किलो प्रतिबंधित गौमांस बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार, संगठित गौतस्करी गैंग का खुलासा, दो वांछितों की तलाश जारी…
रामनगर। गोकशी और गौतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रामनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित संगठित गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बिष्ट चेकिंग के दौरान बड़ी मस्जिद के पास स्थित स्लाटर हाउस पहुंचे। यहां पुलिस को करीब 120 किलोग्राम प्रतिबंधित गौमांस बरामद हुआ। मौके पर मांस काटने के औजार भी मिले। पुलिस की कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर मौजूद आरोपी फरार हो गए।
बरामदगी के आधार पर थाना रामनगर में एफआईआर संख्या 247/2026 के तहत उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही मुखबिर तंत्र, मैनुअल एवं सर्विलांस के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 9 अगस्त 2026 को पंजाबी कब्रिस्तान पुलिया के पास मालधन रोड, रामनगर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैजी पुत्र रियासत अली, उम्र 21 वर्ष, निवासी मीट मार्केट के पास ब्लोकरोड़, खताड़ी, रामनगर तथा अयान पुत्र नदीम, उम्र 24 वर्ष, निवासी मीट मार्केट के पास ब्लोकरोड़, खताड़ी, रामनगर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इसके अलावा गौतस्करों को गौवंश उपलब्ध कराने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी मामले में नामजद किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को रवाना किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को गौकशी एवं गौतस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के तथ्य मिले हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में गौकशी और गौतस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच जारी रहेगी।
