बिग ब्रेकिंग–डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 20 लाख की ठगी, जयपुर से साइबर ठग गिरफ्तार…

0
FB_IMG_1766492658866
खबर शेयर करें -

 

 

 

 

देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर बुजुर्गों से ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर (राजस्थान) से एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इफ्को के सेवानिवृत्त अधिकारी से 20 लाख रुपये की ठगी की थी।

 

 

 

 

साइबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र, रुद्रपुर की टीम के अनुसार आरोपी ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच और सीबीआई का अधिकारी बताकर 80 वर्षीय पीड़ित को फोन किया। आधार कार्ड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर तीन दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पीड़ित की निगरानी की गई और घर से बाहर न निकलने का दबाव बनाया गया। इस फर्जी प्रक्रिया को ही अपराधी “डिजिटल अरेस्ट” बताते हैं।

यह भी पढ़ें:  महिला से अभद्रता और सोशल मीडिया पर धमकी देना पड़ा भारी, हल्द्वानी पुलिस ने आरोपी को दबोचा...

 

 

 

 

बैंक खातों और एफडी से निकाले 20 लाख

डर और भ्रम का माहौल बनाकर पीड़ित के बैंक खातों और एफडी से 20 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर कराए गए। बाद में रकम को कई खातों में भेजकर तुरंत निकाल लिया गया।

यह भी पढ़ें:  UKPSC परीक्षाओं पर नैनीताल पुलिस का सख्त सुरक्षा कवच, 16 केंद्रों पर 7000 से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिए हाईटेक निगरानी...

 

 

 

 

तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर महिम सिसौदिया (19 वर्ष), निवासी जयपुर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से आईफोन, सिम कार्ड, आधार व पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड सहित सात राज्यों में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें दर्ज हैं, जिससे संगठित साइबर नेटवर्क से उसके संबंधों की आशंका है।

यह भी पढ़ें:  महिला से अभद्रता और सोशल मीडिया पर धमकी देना पड़ा भारी, हल्द्वानी पुलिस ने आरोपी को दबोचा...

 

 

 

 

एसटीएफ की अपील

एसटीएफ ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है—

 

* कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती।

* “डिजिटल अरेस्ट” जैसी धमकियां पूरी तरह फर्जी हैं।

* संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या पैसों की मांग होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर शिकायत दर्ज कराएं।

 

 

 

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *