बिग ब्रेकिंग–मुख्यमंत्री की “घोषणा” हवा में, जनता ने ज़मीन पर उतारा ग़ुस्सा…

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लालकुआं–पुराना बिंदुखेड़ा चौराहे पर आज 27 दिसंबर 2025 को वह नज़ारा देखने को मिला, जहाँ काग़ज़ी घोषणाओं और ज़मीनी हक़ीक़त के बीच का फर्क साफ़ तौर पर धुएँ में उड़ता दिखाई दिया। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की बहुचर्चित मुख्यमंत्री घोषणा से नाम हटाए जाने के विरोध में स्थानीय जनता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जाहिर किया।

 

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लंबे समय से “घोषणाओं के भरोसे” जी रहे बिंदुखत्ता के लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनावों में की गई घोषणाएँ अब फाइलों में दम तोड़ रही हैं और जनता से किए गए वादे सिर्फ भाषणों की शोभा बनकर रह गए हैं।

 

 

 

इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष पुष्कर दानू, महामंत्री प्रदीप बथ्याल, प्रमोद कॉलोनी, गिरधर बम, मीना कपिल, कमल दानू, मोहन कूड़ाई, सूरज राठौर, रूप सिंह जीना, कमल जीना, सोनू नेगी, यशपाल जग्गी, मोहित जीना, राजू खत्री, महेश रावत, दान सिंह, वीरेंद्र खत्री, रविन्द्र जग्गी, पवन बिष्ट, पुष्कर नेगी, गोपाल नेगी, अमित बोरा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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वक्ताओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “अगर घोषणाएँ सिर्फ मंच तक सीमित रखनी थीं, तो जनता को उम्मीदें बाँटने की क्या ज़रूरत थी?” उन्होंने साफ़ चेतावनी दी कि यदि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा बहाल नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

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आज का पुतला दहन सिर्फ़ विरोध नहीं था, बल्कि उस राजनीति पर सवाल था जहाँ वादे किए तो जाते हैं, लेकिन निभाने की बारी आते ही उन्हें ‘हटाई गई सूची’ में डाल दिया जाता है।

 

 

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