बिग ब्रेकिंग–कैबिनेट के बड़े फैसले: हरित ऊर्जा को बढ़ावा, कलाकारों की पेंशन दोगुनी, आयुष्मान योजना में बड़ा सुधार…

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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य कैबिनेट बैठक में जनहित, विकास और सुशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों से जहां राज्य में हरित ऊर्जा, औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता को नई गति मिलेगी, वहीं सामाजिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी व्यापक लाभ होगा।

 

 

 

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य में PNG और CNG पर लगने वाले कर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे प्रदूषण मुक्त औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे।

 

 

 

आपदा से प्रभावित उत्तरकाशी जनपद के धराली एवं आसपास के क्षेत्रों के सेब उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए Royal Delicious सेब ₹51 प्रति किलोग्राम तथा Red Delicious एवं अन्य सेब ₹45 प्रति किलोग्राम की दर से (Grade-C को छोड़कर) उपार्जन किए जाने के मुख्यमंत्री की घोषणा को कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह उपार्जन उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा किया जाएगा।

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प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाले वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों और लेखकों के लिए भी बड़ी सौगात दी गई है। उनकी मासिक पेंशन राशि ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 कर दी गई है। इसके लिए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई।

 

 

 

Ease of Doing Business के तहत भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए कैबिनेट ने निम्न जोखिम वाले भवनों के लिए Empanelled Architect द्वारा स्वप्रमाणन की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इससे आम नागरिकों और छोटे व्यवसायियों को नक्शा पास कराने में आसानी होगी।

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औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण विनियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत MSME एवं औद्योगिक इकाइयों के लिए ग्राउंड कवरेज बढ़ाया गया है, जिससे व्यापार सुगमता और निवेश को बल मिलेग।

 

 

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अहम निर्णय लिए गए हैं। आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100 प्रतिशत इंश्योरेंस मोड में तथा गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही गोल्डन कार्ड का लगभग ₹125 करोड़ का बकाया राज्य सरकार वहन करेगी।

 

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कैबिनेट ने उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली, 2025 को मंजूरी देते हुए प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी है। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने का भी फैसला लिया गया है।

 

 

 

इसके अलावा सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की सेवा अवधि को पेंशन में जोड़ने, बांस एवं रेशा विकास परिषद के पुनर्गठन तथा देहरादून स्थित प्रेस क्लब के लिए भूमि हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।

 

 

 

कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले उत्तराखण्ड को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।

 

 

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