बिग ब्रेकिंग–केदारनाथ यात्रा में 10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, मानसून से पहले अलर्ट मोड पर प्रशासन; आयुक्त आनंद स्वरूप ने परखी तैयारियां…

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रुद्रप्रयाग। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सोमवार को रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं तथा आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए की गई तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

 

बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं यात्रा अवधि के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है तथा स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।

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जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर गैस सिलेंडर और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह सक्रिय हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स लगातार कार्य कर रही है। अब तक 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण और बीमा किया जा चुका है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं।

 

बैठक में यात्रा मार्ग पर शौचालयों, पेयजल, विद्युत, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट और शटल सेवाओं सहित मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने शौचालयों की स्वच्छता, पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों की अधिकाधिक सहभागिता पर भी जोर देते हुए कहा कि जनसहभागिता से यात्रा प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

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मानसून और संभावित आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक राशन, ड्राई राशन और खाद्य पैकेट पहले से तैयार रखे जाएं। साथ ही मद्महेश्वर समेत संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

 

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं द्वारा शॉर्टकट रास्तों के उपयोग पर चिंता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट साइनेज, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा केदारनाथ के वैकल्पिक ट्रैक रूट पर किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

 

पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत की। आयुक्त ने सोनप्रयाग सहित प्रमुख पड़ावों पर भीड़ प्रबंधन को और मजबूत बनाने तथा कंट्रोल रूम और प्रमुख स्थलों से नियमित अनाउंसमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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बैठक में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों की रोकथाम पर भी विशेष चर्चा हुई। आयुक्त ने संबंधित विभागों को फर्जी खबरों की निगरानी करने, तत्काल तथ्यात्मक जानकारी जारी करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और सतर्कता के साथ कार्य करें ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके। उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देशों और शासन की गाइडलाइन के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए।

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