हल्द्वानी में मंदिर के पास मिली छह माह की मासूम, पुलिस ने सुरक्षित पहुंचाया बाल कल्याण समिति के संरक्षण में…

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हल्द्वानी। नवरात्र के दौरान जहां एक ओर घरों में कन्या पूजन की तैयारियां चल रही हैं, वहीं हल्द्वानी में सामने आई एक घटना ने इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेली रोड स्थित अंबेडकर नगर में एक मंदिर के नजदीक लगभग छह माह की बच्ची लावारिस अवस्था में मिली। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मासूम को अपने संरक्षण में लिया और उसके सुरक्षित भविष्य की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।

 

जानकारी के अनुसार, मंदिर के आसपास बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देने पर लोगों का ध्यान उसकी ओर गया। मासूम को अकेला देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षा में लेकर मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।

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घटना के बाद क्षेत्र में बच्ची को इस तरह अकेला छोड़े जाने को लेकर लोगों के बीच चिंता और नाराजगी देखी गई। इतनी कम उम्र में किसी मासूम का अपनों से दूर इस तरह मिलना कई सवाल खड़े करता है।

 

पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्ची के परिजनों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही पिछले छह महीनों के दौरान क्षेत्र में हुए प्रसव से संबंधित जानकारियां भी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्ची के माता-पिता की पहचान की जा सके।

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हल्द्वानी कोतवाल विजय मेहता के अनुसार, पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

 

पुलिस ने बच्ची की सुरक्षा और देखभाल को प्राथमिकता देते हुए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को घटना से अवगत कराया। आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मासूम को सुरक्षित विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के संरक्षण में भेज दिया गया है। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में बच्ची के पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की व्यवस्था की जा रही है।

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पुलिस का कहना है कि बच्ची के परिजनों की पहचान करने और उसे वहां छोड़ने के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज सहित उपलब्ध जानकारियों की मदद ली जा रही है। मामले में जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

यह घटना समाज के सामने संवेदनशील सवाल छोड़ती है। एक मासूम को सुरक्षित बचपन, स्नेह और संरक्षण की जरूरत होती है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित संरक्षण में है और पुलिस उसके परिजनों का पता लगाने में जुटी हुई है।

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