बालवीर सम्मान पाकर देहरादून पहुंचे पहाड़ के बच्चे, पलटन बाजार में 500 रुपये को लेकर विवाद, व्यापारी की कथित टिप्पणी का वीडियो वायरल…
‘सीएम-पीएम तक चले जाओ’ शिक्षक और दुकानदार के बीच तीखी बहस, बच्चे को बिल न देने और पैसे वापस नहीं करने के आरोपों से गरमाया मामला।
देहरादून। मुख्यमंत्री बालवीर सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए चमोली जिले के दूरस्थ गांवों से देहरादून पहुंचे बच्चों से जुड़े एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पलटन बाजार में 500 रुपये और खरीदारी के बिल को लेकर शिक्षक व व्यापारी के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में व्यापारी की कथित टिप्पणी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मामले में दोनों पक्षों का आधिकारिक पक्ष और वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
जानकारी के मुताबिक, चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र स्थित जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर के शिक्षक उपेंद्र सती ने इस घटनाक्रम का वीडियो फेसबुक पर साझा किया है। वीडियो में शिक्षक एक दुकानदार से बच्चे के 500 रुपये वापस करने और खरीदे गए सामान का बिल देने की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दुकानदार और शिक्षक के बीच बहस होती सुनाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री बालवीर सम्मान प्राप्त करने के बाद शिक्षक बच्चों को देहरादून के पलटन बाजार घुमाने लेकर गए थे। शिक्षक के अनुसार, बच्चों को पुरस्कार स्वरूप कुछ लोगों की ओर से 500-500 रुपये दिए गए थे, जिनसे वे अपनी पसंद का सामान खरीद रहे थे।
इसी दौरान एक बच्चा जूते की दुकान पर खरीदारी करने पहुंचा। शिक्षक का आरोप है कि दुकानदार ने बच्चे से 500 रुपये ले लिए, लेकिन उसे सामान का बिल नहीं दिया। जब शिक्षक को इसकी जानकारी मिली तो वह दुकान पर पहुंचे और पैसे वापस करने तथा सामान लौटाने की बात कही। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में शिक्षक और व्यापारी के बीच काफी देर तक बहस होती दिखाई देती है। शिक्षक बच्चे के पैसे और बिल को लेकर सवाल उठाते हैं, जबकि वीडियो में व्यापारी कथित तौर पर रुपये वापस करने से इनकार करता सुनाई देता है।
वीडियो में शिकायत को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक ले जाने की बात पर व्यापारी की ओर से कथित तौर पर ‘सीएम-पीएम तक चले जाओ’ जैसी टिप्पणी भी सुनाई देती है। इसी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के बयान और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यह मामला केवल 500 रुपये की कथित लेनदेन संबंधी शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। बालवीर सम्मान प्राप्त करने वाले बच्चे अपने शिक्षकों के साथ पहाड़ के दूरस्थ गांवों से राजधानी देहरादून पहुंचे थे। ऐसे में बच्चों के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यदि शिक्षक के आरोप सही पाए जाते हैं, तो बच्चे को बिल नहीं दिए जाने और पैसे वापस करने से इनकार किए जाने के मामले की जांच की जानी चाहिए। साथ ही, व्यापारी का पक्ष सामने आना भी जरूरी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तस्वीर स्पष्ट हो सके।
शिक्षक ने मामले में प्रशासन और पुलिस से संज्ञान लेने तथा बच्चे के 500 रुपये वापस दिलाने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
फिलहाल, मामले में किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर बच्चों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले व्यवहार, उपभोक्ता अधिकारों और शिकायतों के निस्तारण को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
सवाल यही है कि सम्मान समारोह में बच्चों का उत्साह बढ़ाने के बाद उनके साथ बाजार में हुए इस कथित विवाद का समाधान कब और कैसे होगा?