उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत, लिखित परीक्षा के बिना सरकारी नौकरी का रास्ता साफ, शारीरिक दक्षता परीक्षा और आयु सीमा में भी मिलेगी छूट, धामी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी…

FB_IMG_1791815559181
खबर शेयर करें -

 

देहरादून। उत्तराखंड में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय के तहत उन्हें निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट देने के साथ ही आयु सीमा में भी राहत देने की व्यवस्था की गई है।

 

सरकार के इस कदम को सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें राज्य की सेवाओं में नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम माना जा रहा है। पूर्व अग्निवीरों को उनकी सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त अनुभव, अनुशासन और दक्षता का लाभ सरकारी नियुक्तियों में मिल सकेगा।

यह भी पढ़ें:  धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: अग्निवीरों को भर्ती में राहत, बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी बनेगी नई नियमावली...

 

मंत्रिमंडल ने बच्चों के साहस और असाधारण कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार शुरू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। इस योजना के माध्यम से बहादुरी, पराक्रम, मानवीय संवेदना और धैर्य का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

 

धामी मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।

 

* शिक्षा एवं शोध: श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

यह भी पढ़ें:  डॉ. ढाल सिंह बिसेन होंगे उत्तराखंड के नए राज्यपाल, मध्य प्रदेश की राजनीति से अब देवभूमि तक का सफर, चार बार विधायक, बालाघाट से लोकसभा सांसद और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं डॉ. बिसेन...

 

* निवेश और आधारभूत ढांचा: उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास निधि से जुड़े प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।

 

* बाढ़ प्रबंधन: उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई।

 

* आपदा प्रबंधन: राज्य आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन संचालन से संबंधित विधेयक को सदन में प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई।

 

* संस्कृत शिक्षा: संस्कृत शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारियों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को स्वीकृति मिली।

 

* स्वच्छता अभियान: स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और स्वच्छता से जुड़े प्रावधानों पर निर्णय लिया गया।

 

* आवासीय परियोजनाएं: विकासनगर की आवासीय परियोजना में कुछ क्षेत्रों में शिथिलता देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

यह भी पढ़ें:  डॉ. ढाल सिंह बिसेन होंगे उत्तराखंड के नए राज्यपाल, मध्य प्रदेश की राजनीति से अब देवभूमि तक का सफर, चार बार विधायक, बालाघाट से लोकसभा सांसद और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं डॉ. बिसेन...

 

* जनजातीय विकास: जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न अधिनियमों में बदलाव को स्वीकृति दी गई।

 

कैबिनेट के फैसलों में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने का निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इससे सैन्य सेवा के बाद रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, बाल वीरता पुरस्कार की शुरुआत बच्चों में साहस, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करने का माध्यम बनेगी। सरकार के इन फैसलों का प्रभाव राज्य में रोजगार, शिक्षा, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

Ad Ad